बलिया के जिला अस्पताल में मंगलवार दोपहर उस वक्त लोग हैरान रह गए जब लाल जोड़े में सजी दुल्हन बारात लेकर आई और एक झुलसे युवक के साथ विवाह की रस्में पूरी करने लगी।
सिंदूरदान के बाद वह युवक की सेवा में लग गई। यह विवाह मंगलवार 19 मई को तय था लेकिन घर में गैस सिलेंडर रिसने से लगी आग में 17 मई को अपनी मां को बचाने में दूल्हा झुलस गया था।
फिल्म ‘विवाह’ का दृश्य मंगलवार को जिला अस्पताल में देखने को मिला। अंतर इतना था कि यहां दूल्हा नहीं, बल्कि दुल्हन झुलसे दूल्हे के पास जाकर शादी कर रही थी। छपरा के उमधा गांव निवासी दुल्हन गुड़िया बारात लेकर जिला अस्पताल पहुंची।
उसने नम आंखों से बताया कि पिताजी ने मेरी शादी बांसडीह कोतवाली क्षेत्र के राजा गांव खरौनी निवासी उमेश सिंह के साथ तय की थी। 15 मई को तिलकोत्सव कार्यक्रम धूमधाम से हुआ। इसी बीच 17 मई को उमेश के घर रसोई गैस रिसने से आग लगी और उमेश की मां राजकुमारी समेत घर के अन्य सदस्य सिंधु, राजेश्वर सिंह, संजय सिंह चपेट में आ गए। मां को बचाने में उमेश भी झुलस गए।