अमेरिका में फेसबुक टाउन हॉल की अपनी चर्चाओं से सुर्खियों में बने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत की आर्थिक तस्वीर बदलेंगे जर्मनी में इसको लेकर भरोसा अब भी कायम है।
जर्मन सरकार के नुमाइंदों और निवेशकों को पूरा भरोसा है कि प्रधानमंत्री मोदी और जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग की तस्वीर को बदल देंगे। जर्मन निवेशक इस लिहाज से चासंलर मर्केल की अगले हफ्ते की शुरूआत में हो रही भारत यात्रा को बेहद अहम मान रहे हैं।
उनका मानना है कि भारत में भले ही विदेशी निवेशकों को अब भी कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इसमें भूमि अधिग्रहण की चुनौती सबसे ज्यादा है। इसके बावजूद पीएम मोदी निवेशकों के लिए राह जल्द आसान बनाएंगे इसकी उम्मीद कायम है। जैसा कि जर्मनी में विपक्षी खेमे के एक प्रमुख दल ग्रीन पार्टी की सांसद बार्बेल हॉन कहती हैं कि पीएम मोदी का सोलर ऊर्जा का 1.70 लाख गीगावाट का 2022 तक उत्पादन का लक्ष्य काफी बड़ा है।
ऊर्जा का ग्रीन कॉरीडोर बनाने के उनके इस ऐलान पर जर्मनी में भी काफी हलचल है। क्योंकि जर्मनी अक्षय ऊर्जा के सभी स्रोतों पवन, सौर और पन बिजली उत्पादन में दुनिया का सबसे अग्रणी देश है।
जर्मनी की तमाम इन क्षेत्रों में काम करने वाली कंपनियों की निगाहें मोदी के इस ऐलान के बाद भारत की ओर हैं। इस लिहाज से चांसलर मर्केल की भारत यात्रा में सोलर ऊर्जा को लेकर कुछ बड़ी घोषणा और हस्ताक्षर होने की संभावना है।