फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

15 साल पुराने मामले में फंसे गहलोत

विज्ञापन
विज्ञापन
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत व पूर्व मंत्री चंद्रभान को 16 साल पहले पहले एक निजी अस्तपाल पर मेहरबानी भारी पड़ती नजर आ रही है।
विज्ञापन


उस समय नियम-कायदों के विपरीत निजी अस्पताल को जयपुर में जमीन आवंटित करने के आरोप में अब जयपुर की गांधी नगर थाना पुलिस ने इस्तगासे के आधार पर तत्कानीन मुख्यमंत्री गहलोत, चन्द्रभान, अस्पताल निदेशक डॉ. बिमल राय सोनी व एसके सोनी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। न्यायालय के निर्देश के तहत मामले की जांच सीआईडी-सीबी को सौंप दी गई है।

जानकारी के अनुसार जयपुर के राठौड़ नगर निवासी सुरेश चंद शर्मा ने अदालत से शिकायत की थी कि वर्ष 1998 में गहलोत सरकार बनने के बाद विद्याधर नगर स्थित सरकारी अस्पताल की जमीन नियम कायदों को ताक पर रखते हुए एक निजी अस्पताल को आवंटित कर दी थी।
विज्ञापन

विज्ञापन

पूर्व मंत्री चंद्रभान का भी नाम शामिल

वर्ष 1998 से पहले करीब 23 एकड़ जमीन सरकारी ट्रॉमा अस्पताल के लिए सुरक्षित कर दी गई, और जयपुर विकास प्राधिकरण ने निर्माण में 1.47 करोड़ रुपए खर्च किए।

इसके बाद गहलोत सरकार बनी और संबंधित जगह निजी अस्पताल को सौंपने का निर्णय लिया। नीलामी में एकमात्र सोनी अस्पताल प्रा. लि. की 6.11 करोड़ की निविदा प्राप्त हुई थी।

परिवादी ने अदालत को बताया कि प्राधिकरण की ओर से रियायती दरों पर आवंटित भूमि का अंतरण या बेचान नहीं हो सकता, लेकिन इसका अंतरण कर दिया गया।

शर्तों का उल्लंघन कर इसमें व्यावसायिक गतिविधियां भी की गईं। अब सरकारी रियायत का लाभ लेने वाले इस अस्पताल ने अपना मालिकाना हक मणिपाल विश्वविद्यालय को बेच दिया है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें