मानव संसाधन मंत्रालय अल्पसंख्यक छात्रों को आईएएस, आईआईएम और आईआईटी जैसी परीक्षा में सफलता दिलाने के लिए हर राज्य में सुपर कोचिंग सेंटर स्थापित करेगा।
यह कोचिंग सेंटर बिहार में चल रहे सुपर-30 तथा रहमानी-30 कोचिंग सेंटर की तर्ज पर काम करेंगे। इन कोचिंग सेंटरों में चुनिंदा छात्रों को निशुल्क कोचिंग प्रदान की जाएगी।
केंद्रीय मानव संसाधन राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने बताया कि मंत्रालय आईआईटी जैसे प्रीमियम संस्थानों में अल्पसंख्यक छात्रों की समुचित भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए उन्हें बेहतरीन कोचिंग प्रदान कराने के मकसद से इस तरह की योजना पर कार्य कर रही है।
अल्पसंख्यक वर्ग के अधिकांश छात्रों को आर्थिक मजबूरी तथा अवसर न मिलने के कारण ऐसे संस्थानों में प्रवेश का पर्याप्त अवसर नहीं मिल पाता है। यही नहीं सामाजिक एवं आर्थिक पिछड़ेपन के चलते उन्हें प्रशासनिक नौकरियों में भी उचित सफलता नहीं मिल पाती है।
प्रसाद ने बताया कि मानव संसाधन मंत्रालय नेशनल कौंसिल फार प्रमोशन ऑफ उर्दू लैग्वेंज (एनसीपीयूएल) के माध्यम से अभी कुछ स्थानों पर अल्पसंख्यक छात्रों को कोचिंग आदि में मदद प्रदान करता है लेकिन आईआईटी तथा आईएएस जैसी परीक्षाओं में सफलता हासिल करने के लिए ज्यादा प्रोफेशनल तरीके से कोचिंग प्रदान किए जाने की जरूरत है।
उन्होंने भावी योजनाओं का खुलासा करते हुए कहा कि मंत्रालय सुपर-30 की तर्ज पर पहले राज्य स्तर पर योग्य छात्रों के चयन के लिए परीक्षा एवं साक्षात्कार का आयोजन करेगी। लक्ष्य यह होगा कि जो छात्र कोचिंग के लिए चुने जाएं वे शत प्रतिशत प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर सकें।
इसके लिए बेहतर शिक्षकों तथा कोचिंग मेथड विकसित करने के लिए भी विभिन्न स्तर पर मंत्रालय विचार विमर्श कर रहा है। निशुल्क कोचिंग संस्थानों में प्रवेश पाने वाले छात्रों को निशुल्क शिक्षा व हॉस्टल आदि की सुविधा भी उपलब्ध कराने की योजना है।