बॉलीवुड की हिंदी फिल्म 'आनंद' में राजेश खन्ना का एक मशहूर डायलॉग है, "जिंदगी और मौत ऊपर वाले के हाथ में है जहांपनाह, उसे ना आप बदल सकते हैं और ना मैं।"
लेकिन जिम्बाब्वे में एक शख्स के साथ कुछ ऐसा वाक्या हुआ कि उसकी मौत धरती पर ही जिंदगी में बदल गई।
जिम्बाब्वे के ग्वेरू निवासी ब्राइटन दामा जैंथ नामक व्यक्ति की मौत होने के बाद उसके घर पर रिश्तेदार और दोस्त उसे श्रद्धांजलि देने के लिए आए हुए थे।
श्रद्धांजलि के दौरान अचानक जैंथ के शरीर में हलचल हुई और वह उठ खड़ा हुआ।
मृतक जैंथ को जिंदा होते देख पहले तो उसके रिश्तेदार और दोस्त चौंककर डर गए, लेकिन बाद में उन्होंने जैंथ को तुरंत अस्पताल पहुंचाया।
जैंथ के नौकर लोट गाका ने बताया, "मैं जैंथ साहेब को श्रद्धांजलि देने के लिए लाइन में खड़ा हुआ था। अचानक मैंन उनके पैरों में हलचल देखी।
पहले तो मुझे अपनी आंखों पर यकीन ही नहीं हुआ, लेकिन बाद में मैंने उनके शरीर में भी हलचल देखी।"
गाका के मुताबिक जैंथ के शरीर में हलचल देखकर वहां मौजूद सभी लोग चौंक गए और डरने लगे, लेकिन बाद में जैंथ को पुनर्जीवित मानकर उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया।
अस्पताल में दो दिन तक भर्ती रहने के बाद जैंथ को छुट्टी दे दी गई।
जिम्बाबवे में इस तरह मुर्दा लोगों के जीवित होने की यह कोई पहली घटना नहीं है। हाल ही में सेक्स के दौरान एक महिला की मौत हो गई थी, लेकिन जैसे ही उसे दफनाने के लिए ताबूत में लिटाया गया, वह जीवित हो उठी।
इसके अलावा पुनर्जीवित होने की एक घटना 2012 में घटी। जब एक महिला ने खुद को चाकू मार लिया। महिला को इलाज के लिए हॉस्पिटल पहुंचाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
लेकिन यह महिला भी ज्यादा समय तक मृतक नहीं रही और जीवित हो गई।