बरेली में बिथरी चैनपुर के गांव मेहतरपुर करोड़ में मंगलवार सुबह गारे से चुनी गई पुरानी दीवार गिरने से गली में खड़े एक ही कुनबे के चार बच्चों की मौत हो गई और छह लोग घायल हो गए। ये बच्चे गांव में आए एक फेरी वाले से खिलौने खरीद रहे थे।
इस दर्दनाक हादसे से पूरा गांव हिल गया। पुलिस-प्रशासन के अफसरों के मौका मुआयना करने के बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया गया है। एसडीएम ने हादसे की रिपोर्ट डीएम को भेज दी है।
यह हादसा सुबह करीब दस बजे उस वक्त हुआ जब मिट्टी के खिलौने और मूर्तियां बेचने के लिए एक फेरी वाला गांव में रहने वाले अमर सिंह यादव के घर के बाहर बच्चों को खिलौने दिखा रहा था।
फेरी वाले के इर्द-गिर्द बच्चों की भीड़ लगी हुई थी। इनमें ज्यादातर अमर सिंह के घर और कुनबे ही बच्चे थे। इसी बीच अचानक जोरदार धमाके के साथ अमर सिंह के घर की गारे से चुनी पुरानी दीवार गली की ओर गिर गई। दीवार की ईंटों और मलबे में कई बच्चे दब गए।
चीखपुकार मची तो दौड़े लोग
चीखपुकार मची तो गांव के लोग दौड़ पड़े। ईटें-मलबा हटाकर अंदर दबे बच्चों को निकाला गया। लेकिन अमर सिंह की बेटी दस वर्षीय सरिता, दूसरी बेटी भानी की छह वर्षीय बेटी स्वाति, सामने रहने वाले भतीजे विष्णु का तीन वर्षीय बेटा कुलदीप, और विष्णु की बहन रामबेटी की आठ वर्षीय ममता की मौके पर ही मौत हो गई।
इसके अलावा गांव के ही रामरतन की सात वर्षीय बेटी काजल, रामबहादुर का नौ वर्षीय बेटे परमाल, और दस वर्षीय मुनीश, छत्रपाल का पांच वर्षीय दिनेश, अहिवरन का 15 वर्षीय बेटा मनोज और बरेली के शांति विहार निवासी फेरीवाला सत्यपाल घायल हो गए। गांव के लोगों की सूचना पर एंबुलेंस के साथ पुलिस पहुंच गई। घायलों को जिला अस्पताल ले जाया गया।
पोस्टमार्टम के बाद शाम को चारों बच्चों के शव घरवालों को सौंप दिए गए। तहसीलदार फरीदपुर उद्भव त्रिपाठी और नायब तहसीलदार नरेशचंद्र ने राजस्व टीम के साथ मौका मुआयना कर रिपोर्ट तैयार की।
एसडीएम फरीदपुर प्रशांत शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री राहत कोष से मदद दिलाने की संस्तुति के साथ रिपोर्ट डीएम को भेज दी गई है। सीएमओ डॉ. विजय यादव और बरेली कालेज के प्राचार्य डॉ. सोमेश यादव ने भी गांव जाकर पीड़ित परिवार को सांत्वना दी।
इटावा: पुल से गिरकर दो छात्रों की मौत
कानपुर-दिल्ली हाइवे पर सोमवार की रात निर्माणाधीन नहर पुल से गिरकर बाइक सवार दो पॉलिटेक्निक छात्रों की दर्दनाक मौत हो गई। औरैया के रहने वाले दोनों युवक मथुरा स्थित कॉलेज में फीस जमाकर वापस लौट रहे थे।
निर्माण एजेंसी की लापरवाही की वजह से दोनों युवक रात में रास्ता नहीं पहचान पाए थे और अर्धनिर्मित पुल पर चढ़कर सीधे नहर में जा गिरे। मृतक छात्रों के घरवालों ने निर्माण एजेंसी के खिलाफ नाराजगी जताई है।
औरैया के मोहल्ला पढ़ीन दरवाजा निवासी विशाल पोरवाल (24) पुत्र प्रेमशंकर पोरवाल मथुरा स्थित पॉलिटेक्निक कालेज में सेकेंड ईयर का छात्र था। सोमवार को वह कालेज में साथ पढ़ने वाले मोहल्ले के संजय पोरवाल (21) पुत्र रामलखन पोरवाल के साथ बाइक से फीस जमा करने के लिए मथुरा गया था।
घरवालों के मुताबिक फीस जमा करने के बाद दोनों मथुरा से चले। रात करीब साढ़े नौ बजे के आसपास नहर पुल के पास से गुजर रहे थे। साइड में बनाया गया रास्ता स्पष्ट न होने की वजह से निर्माणाधीन पुल के ऊपर चढ़ गए और दोनों बाइक समेत नहर में जा गिरे। नहर में पानी नहीं था। लिहाजा युवकों को सीधे चोट लगी। काम कर रहे मजदूरों ने बताया कि युवकों की रफ्तार देखकर लग रहा था कि वे रास्ता भटक गए हैं। शोर मचाते तब तक युवक नहर में जा गिरे।
एसओ राधामोहन द्विवेदी मौके पर पहुंचे और युवकों को जिला अस्पताल भेजा। यहां डाक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। युवकों के पास मिले मोबाइल फोन से पुलिस ने परिजनों को सूचना दी।
इटावा पहुंचे परिजनों ने ट्रैफिक नियम पूरे नहीं करने पर निर्माण एजेंसी के खिलाफ नाराजगी जताई। मंगलवार को पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद शवों को परिजनों के सुपुर्द कर दिया।