राजग सरकार पूर्व राष्ट्रपति ए.पी.जे अब्दुल कलाम को अपने महत्वपूर्ण कार्यक्रम डिजिटल इंडिया का ब्रांड एंबेसडर बना सकती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज इस संबंध में एक बैठक करेंगे जिसमें डिजिटल इंडिया के विस्तृत योजना पर चर्चा होगी।
डिजिटल इंडिया को जुलाई में लॉंच किए जाने की योजना है। इस दौरान कई मंत्रालय अपनी ऑनलाइन सेवाएं लॉंच करेंगे। एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि हमें इसके लिए एक प्रतिष्ठित व्यक्ति की आवश्यकता है।
जो डिजिटल इंडिया के लिए जागरुकता फैला सके और स्वयं उसका मूर्त रुप हो। हम अपना ब्रांड एंबेस्डर चुनने के करीब पहुंच गए हैं, और वो पूर्व राष्ट्रपति कलाम ही होंगे।
ये सेवाएं होंगी डिजिटल वीक में लॉंच
इस सबंध में जब पूर्व राष्ट्रपति के कार्यालय से बात की गई तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस प्रकार की कोई औपचारिक जानकारी नहीं है। मार्च के आखिरी सप्ताह में मंत्रियों के समूह ने भी डिजिटल इंडिया के सेवाओं के रुप और उसके वस्तुओं पर चर्चा की थी।
जो कि डिजिटल इंडिया वीक में लॉंच की जाएगी। इसमें जनता को लोन देने के लिए कई पोर्टल्स के साथ-साथ राष्ट्रीय छात्रवृत्ति की योजनाओं, खोए-पाए बच्चों की जानकारी, ई-हॉस्पिटल, टेली-मेडिसिन सहित छात्रों के लिए ऑन लाइन स्टडी मैटेरियल की भी सुविधा होगी।
इस बैठक में रविशंकर प्रसाद, धर्मेन्द्र प्रधान, राजीव प्रताप रूडी औऱ पीयूष गोयल शामिल थे। रूडी ने कहा कि उनका मंत्रालय कौशल विकास पोर्टल को डिजिटल इंडिया के साथ ताल मेल बैठाएगा। वहीं प्रधान ने इस बैठक में कहा था कि इन सेवाओं की लॉंचिंग तब और भी उपयोगी होगी जब लोगों के पास इंटरनेट कनेक्शन होंगे।
मंत्रालय कर रहा है तैयारी
संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय कई क्रिएटिव एंजेसियों से डिजिटल इंडिया के लोगो और टैगलाइन की बात कर रहा है। मंत्रालय की योजना है कि डिजिटल इंडिया को एक बेहतरीन स्वरुप और टैगलाइन दिया जाए।
मंत्रालय चाहता है कि डिजिटल इंडिया का संदेश गांवों में भी फैले इस लिए वो दूरजराज के इलाकों में पोस्टमैन को हाथ से चलने वाले उपकरणों से लैस करेगा।
बताते चलें कि पूर्व की राजग सरकार में कलाम को राष्ट्रपति बनाया गया था इस बार भी सरकार पूर्व राष्ट्रपति को अहम जिम्मेदारी सौंपना चाहती है।