पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि योजना आयोग को खत्म करने के सरकार के फैसले से देश की आर्थिक नीति अपने रास्ते से भटक चुकी है।
सिंह ने कहा कि जो लोग पिछली कांग्रेस सरकारों के दौरान कोई विकास न होने की बात कर रहे हैं, वे दुर्भावनापूर्ण आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा कहना दुर्भावनापूर्ण प्रोपगंडा है।
देश में आर्थिक सुधारों के प्रमुख सूत्रधारों में से एक मनमोहन ने कहा कि आज देश की आर्थिक नीति में दिशा बोध खत्म हो गया है। अगर देश की आर्थिक नीति किसी खास दिशा में जा रही थी तो सिर्फ योजना आयोग की वजह से। तमाम खामियों के बावजूद योजना आयोग देश की अर्थव्यवस्था का आगे बढ़ाने का एक सकारात्मक जरिया था।