1975 में लगे आपातकाल के दौरान राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के कई कार्यकर्ता और बड़े पदों पर बैठे लोग गिरफ्तार किए गए थे। आपातकाल के बाद चुनी गई सरकार जनता पार्टी की रही जिसमें संघ का महत्वपूर्ण योगदान रहा लेकिन उस दौर में आई बी चीफ रहे टीवी राजेश्वर का दावा है कि संघ ने भी इंदिरा गांधी द्वारा लगाए गए आपातकाल का समर्थन किया था।
राजेश्वर ने आपातकाल के बारे में कई ऐसे खुलासे किए हैं जो बहुतों को मुश्किल में डाल सकते हैं। पूर्व आईबी चीफ ने हाल ही में आई अपनी किताब 'इंडिया द क्रूशल इयर्स' के संबंध में एक टीवी चैनल से बात कर रहे थे। आपातकाल के दौर के संबंध में ये बातें उन्होंने इंटरव्यू के दौरान कहीं।
टीवी राजेश्वर 1975 में आईबी के संयुक्त निदेशक थे और वो राजनैतिक दलों और चुनाव से जुड़े काम संभालते थे। राजेश्वर के मुताबिक आपातकाल के समय बाला साहेब देवरस सरसंघचालक थे और संघ ने आपातकाल का पूरी तरह से समर्थन किया था।
इंदिरा गांधी को था पता!
सरसंघचालक देवरस ने तात्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और संजय गांधी से मिलने की कोशिश भी की थी, लेकिन इंदिरा ने उनसे मिलने से इनकार कर दिया था। इंदिरा यह नहीं चाहती थी कि उन्हें संघ के करीबी की तरह देखा जाए।
राजेश्वर ने कहा कि 'मैं यह एकदम पक्के तौर पर नहीं कह सकता कि आपातकाल के दौर में जिन राजनीतिक विरोधियों की गिरफ्तारियां की गई थी, उनकी सूची इंदिरा गांधी ने खुद बनाई थी, लेकिन मैं इतना जरूर कह सकता हूं कि जिन्हें गिरफ्तार किया गया था उनकी सूची प्रधानमंत्री आवास पर बनाई गई थी।'
आपातकाल के संबंध में राजेश्वर ने यह दावा भी किया कि इंदिरा गांधी को इस दौरान यह पता था कि ज्यादतियां हो रही हैं, लेकिन उन्हें इसका एहसास पूरी गंभीरता से नहीं था।
लेकिन वो नहीं मानी
अपनी किताब के संबंध में बात करते हुए राजेश्वर ने कहा कि आपातकाल के संबंध में आईबी और गृहमंत्रालय को नहीं बताया गया था, इसकी जानकारी उन्हें रेडियो उद्घोषणा से हुई, जिसके बाद सभी चौंक गए।
ऑपरेशन ब्लू स्टार के बारे में बोलते हुए राजेश्वर ने कहा कि सन् 1984 में उन्होंने इंदिरा गांधी को यह कदम उठाने के लिए सख्ती से मना किया था। मैंने उन्हें चेताया भी था कि इसके बाद कानून व्यवस्था की समस्या पैदा हो जाएगी, लेकिन वो नहीं मानी।
उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी को इस बात की जानकारी नहीं थी कि सेना टैंक और चॉपर का इस्तेमाल करने वाली थी, क्योंकि उन्हें बताया नहीं गया था। राजेश्वर ने यह भी कहा कि सेना को शायद इस बात का अंदाजा नहीं था कि टैंक और चॉपर का प्रयोग करने के लिए प्रधानमंत्री से मंजूरी लेनी होती है।