जो कभी मनमोहन सिंह और यूपीए सरकार की नाक में दम कर चुके हैं, उन्हें अब मोदी सरकार का न्योता मिला है। कैग (नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक) के पद से रिटायर होने के करीब 2 साल बाद विनोद राय अब रेलवे मंत्रालय में मानद सलाहकार के रुप में शामिल होने जा रहे हैं।
राय ने अपने समय काल के दौरान बहुत सारी अनियमितताओं को उजागर किया था। साथ ही स्पेट्रम नीलामी और कोल ब्लॉक आवंटन में हो रही गड़बड़ियों का भी पता लगाया था। इन सबसे तत्कालीन कांग्रेस सरकार को बहुत परेशानी हुई थी, जबकि विपक्ष की बीजेपी सरकार ने इसे यूपीए सरकार के खिलाफ हथियार की तरह इस्तेमाल किया था।