अलग तेलंगाना के गठन का विरोध और बोडोलैंड सहित अन्य कई नए राज्यों की मांग को लेकर लोकसभा में भारी शोर-शराबे के बीच सोमवार को केंद्र सरकार ने खाद्य सुरक्षा अध्यादेश को सदन के पटल पर रख दिया।
अब जल्द ही सरकार खाद्य सुरक्षा रिप्लेसमेंट बिल सदन में पेश करेगी। बिल को पारित कराने के लिए सरकार सभी दलों से बातचीत कर आम सहमति बनाने के प्रयास में जुट गई है।
गरीबों को भोजन का अधिकार दिलाने वाले कानून को अध्यादेश के जरिए लागू करने के बाद केंद्र ने अब इसे संविधान का हिस्सा बनाने के लिए संसद की मंजूरी के लिए पेश कर दिया है।
खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रो. केवी थॉमस ने सोमवार को इसे लोकसभा के पटल पर रखा। अब जल्द ही लोकसभा में खाद्य सुरक्षा रिप्लेसमेंट बिल पेश किया जाएगा, जिससे कि पुराने बिल की जगह नए बिल पर चर्चा कराई जा सके।
थॉमस ने बताया कि उनके मंत्रालय ने सोमवार को रिप्लेसमेंट बिल को संसदीय कार्य मंत्रालय के पास भेज दिया। अब संसदीय कार्यमंत्री कमलनाथ को तय करना है कि खाद्य सुरक्षा रिप्लेसमेंट बिल किस दिन पेश किया जाए।
उन्होंने बताया कि सरकार ने इस बिल को पास कराने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। इस मामले में सरकार किसी पार्टी के दबाव में नहीं आएगी। हालांकि इस स्थिति से बचने के लिए कमलनाथ सभी दलों से चर्चा कर रहे हैं।