राजधानी, शताब्दी तथा दूरंतो ट्रेनों में यात्रियों को दिए जा रहे खाने की कीमत में तीस से चालीस फीसदी तक वृद्धि के लिए रेल मंत्रालय सैद्धांतिक रूप से सहमत हो गया है।
रेल मंत्री पवन कुमार बंसल किराये में बढ़ोत्तरी के बाद अब कैटरिंग की दरों को बढ़ाकर चुनाव के पहले लोगों की नाराजगी मोल नहीं लेना चाहते हैं।
इसलिए उन्होंने अधिकारियों को यात्रियों पर इस मद में कम से कम भार डालने के लिए और काम करने की हिदायत दी है। जल्द ही एक और बैठक बुलाकर वे इस पर अंतिम फैसला लेंगे।
इस मुद्दे पर अप्रैल महीने में बृहस्पतिवार को रेल मंत्री ने अफसरों के साथ दूसरी बार बैठक की।
बैठक में रेल मंत्री ने राजधानी तथा शताब्दी ट्रेनों में दिए जाने वाले खाने पीने के सामानों की लिस्ट को कम करके उसकी गुणवत्ता बढ़ाने का भी सुझाव दिया।
सूत्रों के मुताबिक, रेल मंत्री ने तीस फीसदी तक कैटरिंग की दरों में वृद्धि किए जाने पर सहमति जताई है। इसके बाद सर्विस टैक्स लगकर यह खाना चालीस फीसदी तक महंगा हो जाएगा।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 999 के बाद से इन ट्रेनों में कैटरिंग के दामों में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। इसका परिणाम यह रहा कि कैटरिंग ठेकेदार लगातार महंगाई की बात कहकर खाने पीने के सामानों की गुणवत्ता गिराते जा रहे हैं।
ठेकेदार रेल मंत्रालय से अच्छी गुणवत्ता के खाने पीने के सामानों के लिए वर्तमान दर में पचास से साठ फीसदी वृद्धि किए जाने की मांग कर रहे हैं। साथ ही वे चाहते हैं कि वे लोगों की खान पान संबंधी शिकायतों को भी दूर कराएं।