देहरादून पुलिस की कस्टडी से बागपत में 15 दिसंबर 2014 को सुबह सात बजे दो एके-47 और एक एसएलआर लूटकर छुड़ाया गया गैंगेस्टर अमित मलिक उर्फ भूरा तीन महीने 19 दिन बाद शनिवार को पंजाब के पटियाला में पकड़ा गया। इसका पता चलते ही बागपत क्राइम ब्रांच की टीम पटियाला के लिए रवाना हो गई।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वह पटियाला में रूटीन पुलिस चेकिंग के दौरान धरा गया है। मुजफ्फरनगर के सरनावली गांव निवासी 32 साल के भूरा पर 51 मुकदमे दर्ज हैं। उस पर यूपी और उत्तराखंड से पांच पांच लाख का इनाम घोषित किया गया था।
उसकी तलाश में यूपी, उत्तराखंड और दिल्ली की पुलिस लगी थी, लेकिन तीनों ही उसका कुछ पता नहीं कर पाई। उसे छुड़ाने के दौरान देहरादून पुलिस से जो दो एके-47 और एक एसएलआर लूटी गई थी, उनमें से एक एके-47 उसके साथी अरविंद के पास मिली थी।
पुलिस की आंखों में मिर्च झोंककर हुआ था फरार
अरविंद को दिल्ली पुलिस ने पकड़ा था। उसे छुड़ाने में 21 बदमाश शामिल रहे, जबकि चार लोगों ने साजिश बनाई थी। पुलिस ने दिल्ली की मुंडका विधान सभा सीट के पूर्व विधायक रामवीर शौकीन, बागपत की टीकरी नगर पंचायत की अध्यक्ष राजबाला, छपरौली के पूर्व विधायक स्वर्गीय चौधरी कटार सिंह के पौत्र एवं रंछाड़ गांव के पूर्व प्रधान समर पाल सिंह और भूरा के रिश्तेदार बावली गांव के बॉबी तोमर को साजिश रचने का आरोपी बनाया है।
इनमें से बॉबी और समर पाल पकड़े जा चुके हैं, लेकिन भूरा का कुछ पता नहीं चल पा रहा था। पुलिस उसकी लोकेशन कभी कोलकाता बता रही थी तो कभी नेपाल, लेकिन वह मिला पंजाब के पटियाला में, जहां पुलिस एक बार भी नहीं गई।
बागपत के एसपी शरद सचान ने बताया भूरा पटियाला में पकड़ा गया है। उससे पूछताछ के लिए क्राइम ब्रांच के सीओ एनपी सिंह को भेजा है।
अपराध की हाफ सेंचुरी कर चुका भूरा
मुजफ्फरनगर के सरनावली गांव का निवासी अमित मलिक उर्फ भूरा 32 साल की उम्र में 51 अपराध कर चुका है। उसके खिलाफ पहला केस तब दर्ज हुआ था, जब वह 18 साल का था। इसके बाद 14 साल में 50 मुकदमे और हो गए। उसने सबसे ज्यादा क्राइम दिल्ली में किया है।
वह कभी दिल्ली पुलिस के लिए मुखबिरी करता था और फिर वहीं पर बड़ा अपराधी बन गया। पुलिस सूत्रों का कहना है भूरा ने सबसे पहले बाइक चोरी की। फिर हत्या की। इसके बाद दिल्ली भाग गया। वहां पश्चिमी यूपी के अपराधियों की मुखबिरी करने लगा। इसके बाद उसे अपराध का ऐसा चस्का लगा कि एक के बाद एक वारदात किए चला गया।
उसने दिल्ली ही नहीं, पश्चिमी यूपी में भी खूब वारदात कीं। पहले नीटू कैल गिरोह में रहा। फिर राहुल खट्टा से हाथ मिलाया। इसके बाद सुनील राठी के लिए काम करने लगा और फिर अपना खुद का गैंग खड़ा कर लिया।
उसके गैंग में 20 से ज्यादा बदमाश हैं। वह कभी किसी को लंबे समय तक साथ नहीं रखता। काम निकलते ही साथी बदल लेता है। इसके अलावा उसे पुलिस के हथकंडे भी मालूम हैं। इसलिए उसे पकड़ना आसान नहीं होता।