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खुलासा: PMO तक पहुंचने से पहले ही लीक होती थीं फाइलें

Mon, 23 Feb 2015 02:54 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
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मंत्रालयों की जासूसी के मामले एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। दिल्ली पुलिस ने कई बड़ी कॉरपोरट कंपनियों के आरोपी जासूसों के कब्जे से हजारों दस्तावेज बरामद किए हैं। पुलिस की गिरफ्त में आए इन आरोपियों ने पुलिस के सामने बड़ा खुलासा किया है।
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आरोपियों ने पुलिस को बताया है कि सरकार के विभिन्न मंत्रालयों में जो भी नीतियां बनती थीं या निर्णय लिए जाते थे उन सब की फोटो कॉपी पार्टियों तक पहुंचा दी जाती थीं।

टीओआई की रिपोर्ट के अनुसार, मामले की जांच कर विशेषज्ञों ने बताया कि है कि तमाम ऐसे दस्तावेज भी लीक हो गए हैं जो अति गोपनीय हैं। इन तस्तावेजों में कई फाइलें ऐसी भी हैं जो प्रधानमंत्री कार्यालय या संसद में पहुंचने से पहले ही लीक हो चुकी थीं।
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ये अतिगोपनीय दस्तावेज भी हुए लीक

मंत्रालयों से लीक होने वाले दस्तावेजों में सैकड़ों दस्तावेज ऐसे भी हैं जिनमें संसद की ओर से बनाई गई समितियों के जरूरी बड़े अधिकारियों जैसे उप-सचिव, संयुक्त-सचिव और सचिव तक के दस्तखत हो चुके थे। इसके अलावा कुछ फाइलों में तो मंत्रियों तक के साइन हो चुके थे।

रिपोर्ट में कहा गया है कि इस सब मामले से पता चलता है कि प्राइवेट कंपनियों को सरकार की बैठकों और प्रस्तावों, यहां तक की सरकार की रोज की कार्यवाही तक की जानकारी होती थी।

अभी तक जो दस्तावेज बरामद किए गए हैं उनमें हाईड्रोकार्बन प्रोडक्‍शन पर सीएजी रिपोर्ट, तेल कंपनियों के लिए ओपन लाइसेंसिंग नीति पर मंत्रालय की रिपोर्ट, लोक लेख समिति की रिपोर्ट्स, कोयला खदानों की नीलामी से संबंधित कागजात और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मामलों पर सरकार के प्रोजेक्ट और यहां तक की जांच एजेंसियों से मंत्रालय तक पहुंचने वाली रिपोर्टें भी शामिल हैं।
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एक-एक कंपनी से जुड़ी सूचना तक हुई लीक

दस्तावेज लीक मामले में आरोपियों के कब्जे से जो कागजात बरामद हुए हैं उनसे पता चला है कि सरकार की ओर से एक-एक कंपनी को दिए जा रहे कामों और नई बनने जा रही कंपनियों की योजनाएं भी लीक हो चुकी हैं।

तमिलनाडु के तिरुवनंतपुरम में बनने जा रही ऑयल रिफाइनरी और विचाराधीन अहमदाबाद से सूरत के लिए नेचुरल गैस पैपलाइन प्रोजेक्ट के लीक दस्तावेज भी बरामद हुए हैं।

एक सीनियर अधिकारी के अनुसार, ये तमाम दस्तावेज प्राइवेट लोगों के कब्जे से बरामद हुए तो जो राष्ट्रीय सुरक्षा और तमाम प्रोजेक्‍टों के भविष्य पर चिंताजनक है। क्राइम ब्रांच ने कोर्ट को बताया है कि राष्‍ट्रीय सुरक्षा को भी ध्यान रखकर केस तैयार किया जाएगा। वहीं राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कुछ दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं।

जांच अध‌िकारियों ने मीडिया को जानकारी दी है कि आरोपियों के कब्जे से कागजात से भरे कई जूट के थैले बरामद किए गए हैं इन दस्तावेजों की भी अभी जांच की जा रही है।
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