मां की मौत से डिप्रेशन में आए बेटे का इलाज कराने की बजाए पिता ने उसे मकान में कैद कर दिया। पेशे से डाक्टर होने के बाद भी पिता बेटे की बेबसी का दर्द समझने की बजाए उसे मकान में कैद करके फीरोजाबाद आकर रहने लगा।
इलाके के लोगों की नजर बंद मकान में छत पर नग्नावस्था में खडे़ युवक पर गई तो हैरान रह गए। लोगों ने पुलिस प्रशासन को सूचना दी। एसडीएम मौके पर पहुंचे और मकान से उसे मुक्त कराया।
यूपी के सिरसागंज में डाक्टर सुभाष क्लीनिक चलाते थे। 12 साल पहले पत्नी की कैंसर से मौत हो गई थी। मां की मौत से बेटा नवीन सदमे में आ गया। इससे पहले वह ठीक था और कसबा के ही एक अंग्रेजी माध्यम के स्कूल में पढ़ता था।
चार माह पहले डा. सुभाष फीरोजाबाद में कोटला चुंगी के निकट आकर रहने लगे। हर गुरुवार को वह सिरसागंज स्थित अपने आवास पर जाते थे। मोहल्ले के लोग जब भी डाक्टर सुभाष से उसके बेटे के बारे में पूछते तो वह कह देते कि वह उनके साथ रह रहा है।