आसाराम के बेटे नारायण साईं ने आगरा के जिस अपने अनुयायी परिवार के घर पर शरण ली थी वो अब भूमिगत हो गया है।
साईं ने बृहस्पतिवार रात यहां के आलोक नगर में जूता व्यवसायी के घर शरण ली थी।
चार लोगों के साथ आया साईं गुजरात की क्राइम ब्रांच के इसी कोठी के पड़ोस में छापा मारने से घंटों पहले ही इस ठिकाने से निकल चुका था।
बताया जाता है कि रविवार को इसकी चर्चा फैली तो आसाराम का अनुयायी यह परिवार भूमिगत हो गया। आसपास के लोग लोग हैरत में हैं कि जिस नारायण साईं की देशभर में तलाश हो रही है वह यहां ठहरा था।
पुलिस ने भी इस बाबत खुफिया तरीके से जानकारी जुटाई और इसकी रिपोर्ट एसएसपी को दी है।
सूत्रों की मानें तो नारायण साईं आगरा आया था। उसके साथ ड्राइवर समेत चार लोग थे। वह दिल्ली के नंबर वाली फार्च्यूनर गाड़ी से बृहस्पतिवार रात को आलोक नगर में जूता व्यवसायी लक्ष्मणदास सेवकानी के घर ठहरा।
सूत्र बताते हैं, लक्ष्मण के एक बेटे की सूरत में पेपर मिल है। उनकी बेटी भी सूरत के आसाराम बापू के आश्रम में रहती है। पूरा परिवार आसाराम का अनुयायी है। इसी नाते नारायण साईं ने इस विश्वसनीय अनुयायी परिवार के घर रात गुजारी और सुबह होते ही चला गया।
सेवकानी ने मीडिया को बताया कि नारायण साईं ने अपना हुलिया बदल लिया है। उसने दाढ़ी और मूंछ कटवा ली है और सिर भी मुंडवा लिया है। उसने गेरुए और भूरे रंग के कपड़े पहने थे।