अब तो बैंक से मिलने वाले नोट भी भरोसे लायक नहीं रहे। एटीएम तो जाली नोट उगल ही रहे हैं, बैंकों से दिए जाने वाले नोट भी फर्जी साबित हो रहे हैं।
बैंक से भेजी गई फर्जी नोटों की खेप भारतीय रिजर्व बैंक की कानपुर शाखा में पकड़ी गई। नोट इलाहाबाद बैंक की सिविल लाइंस शाखा से भेजे गए थे।
100-100 रुपये के कई नकली नोट मिलने पर आरबीआई के प्रबंधक ने इलाहाबाद बैंक के अज्ञात अफसरों एवं कर्मचारियों के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में एफआईआर दर्ज करा दी है।
इलाहाबाद बैंक के कर्मचारियों पर रिपोर्ट आईपीसी की धारा 489 ए, 489 बी, 489 सी, 489 डी, 489 ई के तहत दर्ज की गई है। रिपोर्ट आरबीआई के प्रबंधक आरएन सिन्हा ने दर्ज कराई।
पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पड़ताल शुरू कर दी है। नकली नोटों की फसल इधर बीच तेजी से उग रही है। पश्चिमी बंगाल से नकली नोटों की खेप लगातार इलाहाबाद पहुंच रही है।
पुलिस सितंबर से अब तक नकली नोटों के 10 सौदागरों को पकड़ चुकी है और लाखों रुपये के नकली नोट बरामद किए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक नकली नोटों के सौदागरों को 60 हजार रुपये देने पर एक लाख के नकली नोट मिलते हैं।
ATM में नोट बदलने की बात भी आई थी सामने
नवंबर में पकड़े गए नकली नोटों के सौदागरों की एटीएम में रुपये डालने वाली एजेंसी के कर्मचारियों से साठगांठ की बात सामने आई है। पुलिस के मुताबिक कर्मचारियों से साठगांठ कर बैंक से भेजे जाने वाले नोट बदलवा दिए जाते हैं।
बांग्लादेश से आ रही खेप
नकली नोटों की खेप बांग्लादेश से आ रही है। नोट पश्चिमी बंगाल के मालदा जिले भेजे जाते हैं। वहां से नोट इलाहाबाद और आसपास के जिलों तक लाए जाते हैं।
फिर पहुंचने वाले हैं नोट
1000 और 500 रुपये के नकली नोटों की एक खेप जल्द ही शहर पहुंचने वाली है। पुलिस ने भनक लगने के बाद जाल बिछा दिया है। पुलिस को पहले पकड़े गए लोगों से भी महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं।