रेलमंत्री पवन कुमार बंसल 26 फरवरी को संसद में रेल बजट पेश करेंगे। वे पिछले महीने ही रेल किराये में वृद्धि कर चुके हैं। आम आदमी की धुकधुकी है कि क्या दुबारा बजट में रेल यात्रा महंगी हो सकती है। किरायों में वृद्धि के तुरंत बाद डीजल के थोक दामों तेजी से यह आशंका और बढ़ गई है क्योंकि बढ़े किराये से होने वाली आय का आधा हिस्सा रेलवे को डीजल की कीमतों में तेजी के रूप में चुकाना होगा।
रेलवे की एक लाख करोड़ रुपए से भी ज्यादा लागत वाली अटकी परियोजनाओं को जल्द से जल्द पूर करने तथा यात्री सुविधाओं में सुधार के लिए आमदनी बढ़ाने का दबाव है। आने वाले समय में आम चुनाव भी होने हैं। इसके चलते उम्मीद है कि रेलमंत्री बजट में सीधे किराया न बढ़ाकर दूसरे तरीकों से यात्रियों की जेब में हाथ डालने की कोशिश जरुर करेंगे।
डीजल सरचार्ज
बजट में किराये पर डीजल सरचार्ज लगाने की चर्चा है। देश में ट्रेनों को चलाने के लिए ईंधन मद में कुल खर्च का 62 फीसदी भुगतान डीजल खरीद के रूप में करना पड़ता है। पूरे साल में रेलवे में लगभग 250 करोड़ लीटर डीजल की खपत है। बाकी 38 फीसदी खर्च बिजली के बिलों के मद में जाता है।
पिछले महीने तेल कंपनियों ने थोक डीजल की कीमतों में एकमुश्त 10.80 रुपए प्रति लीटर वृद्धि कर दिया। इससे रेलवे को डीजल मद में एक साल में 3300 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भार पड़ेगा। रेलमंत्री डीजल के दामों में इस तेजी की भरपाई यात्रियों से करने का संकेत दे चुके हैं। यह वसूली डीजल सरचार्ज के रूप में ही किए जाने की योजना है।
ज्यादा सुविधा ज्यादा दाम
हवाई सेवा की तर्ज पर रेलवे भी यात्रियों को तत्काल आरक्षित टिकट उपलब्ध कराने की योजना को महंगा कर सकती है। रेल मंत्री पवन बंसल इशारों में बता चुके हैं कि तत्काल टिकट वैसे भी दलालों को ज्यादा कीमत देकर ही आम आदमी हासिल कर पाता है। बेहतर हो कि सीधे रेलवे इस योजना का लाभ उठाये तथा तत्काल टिकटों को महंगे दामों पर ही आम आदमी को उपलब्ध कराये। इससे तत्काल टिकटों की कालाबाजारी भी थम जाएगी।
पेड सर्विसेज
आमदनी बढ़ाने के लिए रेलवे पेड सर्विसेज को बजट में प्रोत्साहित कर सकता है। अभी तक रेलवे आम आदमी के लिए सस्ती सेवाओं के लिए जाना जाता है। यही कारण है कि उसके खानपान से लेकर हर सेवा में गुणवत्ता की भारी शिकायत रहती है। रेलवे जो लोग समर्थ हैं उनके लिए महंगे दामों पर स्टार सेवा देने की योजना को आगे बढ़ा सकता है। नई दिल्ली जैसे कुछ स्टेशनों पर फाइब स्टार लाउंज/वेटिंग रूम बनाने की शुरुआत हो चुकी है। दिल्ली में बने लाउंज में प्रवेश के लिए यात्री को 300 रुपए चुकाने पड़ते हैं।
मालभाड़े में वृद्धि
रेलवे की आमदनी का मुख्य स्रोत माल भाड़ा है। रेलवे कुल आमदनी का 67 फीसदी अकेले मालभाड़े से आता है। डीजल की कीमतों में वृद्धि का असर मालभाड़ा बढ़ाकर भी पूरा किया जाएगा। माल ढुलाई को ज्यादा से ज्यादा प्रोत्साहित करने के लिए रेलवे कुछ नई योजनाओं की भी घोषणा अगले बजट में कर सकता है।
वर्ष 2011-12 के कुछ आकंड़े
रेलवे की कुल आमदनी- 104154 करोड़
माल भाडे़ से 69547 करोड़ (66.7 फीसदी)
यात्री किराये से 28246 करोड़(27 फीसदी)
अन्य स्रोतों से 6361 करोड़ रुपए (6.3)
-वर्ष में यात्रियों की संख्या
2011-12 में 822 करोड़
2012-13 में 1000 करोड़ से अधिक संभावित