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दलित छात्र ने की आत्महत्या, केंद्रीय मंत्री पर केस दर्ज

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दलित छात्र रोहित वेमुला के आत्महत्या मामले में केंद्रीय मंत्री बंडारू दत्तात्रेय और हैदराबाद विश्वविद्यालय के कुलपति के खिलाफ केस दर्ज हुआ है। दोनों पर दलित छात्र को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है।
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बंडारू दत्तात्रेय पर आरोप है कि उन्होंने ही मानव संसाधन मंत्रालय को पत्र लिखकर रोहित समेत पांच छात्रों को निष्काषित करने की मांग की थी। जिसके बाद हैदराबाद विश्वविद्यालय ने इन छात्रों को निष्काषित कर दिया। उन्हें हॉस्टल से भी निकाल दिया गया। इस कार्रवाई के बाद से ये छात्र आंदोलन पर थे।

केंद्रीय मंत्री बंडारु दत्तात्रेय के खिलाफ छात्रों को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में केस दर्ज किया गया है। केंद्रीय मंत्री मंत्री के साथ-साथ विश्वविद्यालय के कुलपति के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।
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हैदराबाद विश्वविद्यालय का मामला

पूरा मामला हैदराबाद विश्वविद्यालय से जुडा़ है जहां एक दलित छात्र ने विश्वविद्यालय से निकाले जाने पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना से नाराज छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया।

पूरा विवाद पिछले साल का है जब हैदराबाद विश्वविद्यालय से 5 दलित छात्रों को निष्कासित कर दिया गया था। इन्ही छात्रों में से एक रोहिथ वेमुला ने छात्रावास में आत्महत्या कर ली।

25 वर्षीय रोहित गुंटूर का रहने वाला था। वह पिछले दो साल से साइंस टेक्नोलॉजी और सोसायटी स्टडी में पीएचडी कर रहा था। पिछले साल अगस्त में दो छात्र गुटों के बीच झगड़े में इसके कथित तौर पर शामिल होने के बाद विवाद बढ़ा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस मामले में जांच के आदेश दिए। जिसमें आखिरकार रोहिथ समेत चार अन्य छात्रों को दोषी पाया गया।

पांच छात्रों का हुआ था निलंबन

विश्वविद्यालय प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए इन छात्रों को निष्कासित कर दिया। इतना ही नहीं इन छात्रों को विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन, छात्रावास, लाइब्रेरी समेत कहीं भी घुसने से मना कर दिया गया।

इस फैसले के बाद इन छात्रों ने प्रदर्शन शुरू किया। उन्होंने सामाजिक न्याय के लिए संयुक्त कार्रवाई समिति (जेएसी) का गठन किया।

इस कार्रवाई के बाद नाराज छात्रों ने दो हफ्ते तक विश्वविद्यालय प्रशासन के फैसले के खिलाफ प्रदर्शन किया और निष्कासन वापस लेने की मांग की।

इसी बीच रविवार से जेएसी ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया था। इसी दौरान रोहिथ ने एक छात्रावास के कमरे में  फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
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आंदोलन पर समर्थक छात्र

रोहिथ अम्बेडकर छात्र संगठन का छात्र नेता था और कई दलितों से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों में शामिल था।

रोहिथ की आत्महत्या के मामले पर हैदराबाद विश्वविद्यालय के कुलपति अप्पा राव पोडाइल ने दुख जताया है। उन्होंने कहा कि मुझे उसके इस कदम से बड़ा धक्का लगा है। हमें नहीं लग रहा था कि वो ऐसा कदम उठाएगा।

दूसरी ओर छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों को ऐसे कदम उठाने पर मजबूर कर रहा है। हमें उम्मीद है कि रोहिथ के मामले के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन इस ओर ध्यान देगा।

प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने इस मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन और भाजपा सांसद बंडारू दत्तात्रेय के खिलाफ आंदोलन तेज करने की बात कही है।

बंडारू दत्तात्रेय पर आरोप है कि उन्होंने ही मानव संसाधन मंत्रालय को पत्र लिखा था जिसके बाद दलित छात्रों को विश्वविद्यालय प्रशासन ने निकाला।
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