नेपाल के मदरसों के जरिए 12 साल तक के स्वस्थ व तंदरुस्त मुसलिम बच्चों को पाकिस्तान के मदरसे में भेजे जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है।
खुफिया विभाग ने केंद्र सरकार को जानकारी दी है कि इस कवायद में दक्षिणी-पूर्वी नेपाल के सप्तारी जिले में पंद्रह मौलवियों का बैठक हुई है। वह पाकिस्तान भेजने के लिए खासतौर पर अनाथ बच्चों को चुन रहे हैं।
खुफिया सूचना के मुताबिक ऐसे 30 बच्चों की खेप इस्लामाबाद के एक मदरसे में भेजा जाएगा। सुरक्षा एजेंसियों का आकलन है कि ऐसे बच्चों के कुछ खेप पहले भी पाकिस्तान भेजे जा चुके हैं।
मकसद नहीं आ रहा सामने!
उच्चपदस्थ सरकारी सूत्र ने अमर उजाला को बताया कि इस्लामाबाद के इस्लामिया
मदरसा से कम उम्र को बच्चों को भेजे जाने की मांग नेपाल में मौजूद
पाकिस्तानी नेटवर्क के पास आई थी। इस नेटवर्क से जुड़े मोहम्मद लियाकत अली
और सलीम खान नाम के दो शख्स को इस काम की जिम्मेदारी दी गई है।
वह
भारत-नेपाल सीमा पर बड़े पैमाने पर मौजूद मदरसों की मदद ले रहे हैं। वह
खासतौर पर 12 साल से कम उम्र के ऐसे बच्चों को तैयार कर रहे हैं जिनकी
शारीरिक और मानसिक स्थिति मजबूत हो। भारत विरोधी इस नेटवर्क को पाकिस्तानी
खुफिया एजेंसी आईएसआई सीधे संचालित करता है।
भारतीय एजेंसी फिलहाल यह
बात पक्के तौर पर नहीं कह पा रही है कि यह बच्चे किस मकसद से पाकिस्तान
भेजे जा रहे हैं। वहीं भारत से लगे नेपाल और भूटान सीमा पर चौकसी करने वाले
अर्धसैनिक बल एसएसबी के महानिदेशक बी डी शर्मा के मुताबिक भूकंप से तबाह
नेपाल में मानव तस्करी और मादक पदार्थों की तस्करी के अलावा कुछ अजीबो गरीब
संकेत मिल रहे हैं।
सीमा पर मदरसे हैं साजिश का हिस्सा?
शर्मा नेपाल सीमा पर नेपाली भूभाग में कुकरमुत्ते की
तरह उग चुके मदरसों को बड़े भारत विरोधी साजिश का हिस्सा मानते
हैं। उन्होंने गृहमंत्रालय को इस बावत विस्तार से रिपोर्ट भेजी है। गौरतलब
है कि
पिछले 15-20 सालों में नेपाल के मदरसे भारतीय एजेंसियों के लिए लगातार
चिंता का कारण रहे हैं।
भारत ने नेपाल सरकार के साथ कई बार औपचारिक और
खुफिया स्तर पर इस मुद्दे पर उठाया है। लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकल पा
रहा है। गृहमंत्रालय सूत्रों ने बताया कि नेपाल में मौजूद आईएसआई
नेटवर्क भारत विरोधी माहौल बनाने में खासा पैसा खर्च कर रहा है।
इससे जुड़े
लोगों को खासतौर पर भूकंप के बाद वहां के लोगों के नाजुक हालात का
इस्तेमाल करने का निर्देश दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक नेपाल में
सैकड़ो ऐसे परिवार हैं जहां पाकिस्तानियों ने शादी कर रखी है। सूचना के
मुताबिक यह पाकिस्तानी परिवार के साथ लगातार नहीं रहते। उनकी पत्नी और
बच्चे नेपाल में ही रहते हैं। सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान भेजे जाने के
लिए ऐसे बच्चों की भी तालाश की जा रही है जिसके पिता उन्हें पैदा करने के
बाद वापस नेपाल नहीं आते।