कभी अपनी कड़क शैली और सख्त मिजाज के चलते पंजाब में आतंकवादियों के छक्के छुड़ा देने वाले पूर्व वरिष्ठ आईपीएस जुलियो रिबेरो को आज अपने ही देश में डर लगने लगा है।
ईसाई समुदाय के प्रतिष्ठानों पर लगातार हो रहे हमले से आहत रिबेरो ने मोदी सरकार पर हमला करते हुए कहा कि 86 साल की उम्र में आज वो अपने ही देश में खुद को डरा हुआ और गैरजरूरी समझने लगे हैं।
पंजाब के पूर्व डीजीपी रिबेरो ने इंडियन एक्सप्रेस में लिखे एक लेख में मोदी सरकार के नौ माह की कार्यशैली पर जमकर तंस कसा। उन्होंने कहा कि विकास के नाम पर सत्ता में आने वाली मोदी सरकार के आने के बाद से ही अल्पसंख्यकों पर हमले तेज हुए हैं।
बोले रिबेरो 86 साल की उम्र में लगता है अब डर
मोदी राज में ही घर वापसी जैसे मुद्दों को हवा मिली है, कुछ लोग अल्पसंख्यकों को घर वापसी कराने की धमकी देते हैं, ये क्या है। उन्होंने कहा कि मेरे पूर्वज 400 साल पहले हिंदू थे तो क्या मैं भी आज वापिस उसी धर्म को अपना लूं।
रिबेरो ने कहा कि मोदी सरकार आने के बाद से ही एक छोटे से धर्म को लगातार निशाना बनाया जा रहा है, मोदी सरकार इन लोगों को सख्त संदेश देने में पूर्व तरह विफल रही है इसी कारण ऐसे लोगों के हौसले बढ़े हैं।
रिबेरो ने मोदी के विकास के वादे और दावे पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि नौ माह पहले सरकार इसी मुद्दे पर सत्ता में आई थी फिर कहां गया वो मुद्दा। ये लोग विकास की बातें क्यों नहीं करते। क्यों असली मुद्दे से ध्यान भटकाकर इन गैरजरूरी मुद्दों की तरफ लोगों को मोड़ रहे हैं।
विपक्षियों ने बोला सरकार पर हमला
वहीं रिबेरो का लेख सामने आने के बाद विपक्षी दल मोदी सरकार पर हमलावर हो गए हैं। कांग्रेस नेता और पूर्व केन्द्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने कहा कि यह देश में बने विरोधी माहौल का ही असर है कि रिबेरो जैसे वरिष्ठ आईपीएस को इस तरह से अपनी बात सामने रखनी पड़ी है।
तिवारी ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि मोदी राज में ही लगातार इस तरह की घटनाएं बढ़ी हैं जिनसे अल्पसंख्यक समुदाय खौफ में हैं।
वहीं जेडीयू नेता केसी त्यागी ने भी मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार की कार्यशैली और कुछ संगठनों को अनावश्यक छूट देने के कारण ही देश में इस तरह का माहौल बन गया है। सरकार को जल्द से जल्द इस पर लगाम लगानी चाहिए।