एरिक गिल 20वीं सदी में ब्रिटेन के मशहूर मूर्तिकारों में से एक था।
उसकी कलाकृतियां जितना लोगों को आकर्षित करती हैं उतना ही उसके निजि जीवन के स्याह पहलू आपको घृणा से भर देंगे।
इसकी मुख्य वजह है एरिक का अपनी दो बड़ी बेटियों और एक कुत्ते का यौन शोषण करना।
उसके निधन के बाद 1989 में जब उसकी डायरी प्रकाशित हुई तो इस बात का खुलासा हुआ कि वह अपनी दो बेटियों और एक पालतू कुत्ते का यौन शोषण करता था।
विरोध
डेली मेल में छपी खबर के अनुसार, ब्रिटेन में यौन उत्पीड़न के पीड़ितों के हितों की रक्षा करने वाले संगठन एरिक के खिलाफ लामबंद हो गए हैं।
सामाजिक संगठनों ने बीबीसी से प्रसारण भवन के बाहर बनी उन दो मूर्तियों को हटाने की मांग की है, जिसे एरिक ने बनाई थीं।
शेक्सपियर के नाटक 'द टेम्पेस्ट' से प्रभावित होकर एरिक ने 1932 में 'प्रोसपेरो' और 'एरिअल' नाम की दो मूर्तियां बनाई थीं, जो लंदन में बीबीसी के प्रसारण भवन के मुख्य द्वार पर आकर्षण का केंद्र हैं।
द सरवाइवर्स ट्रस्ट के प्रमुख कार्यकारी फेय मैक्सटेड का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर उस व्यक्ति द्वारा निर्मित कलाकृतियों को प्रदर्शित करना अपमानजक है। यह पीड़ितों का मजाक उड़ाना है, यह बर्दाश्त के बाहर है।
इनकार
हालांकि बीबीसी ने प्रसारण भवन के बाहर लगी दोनों मूर्तियों को हटाने से इनकार कर दिया है।
बीबीसी के प्रवक्ता ने कहा कि प्रसारण भवन के बाहर बने द स्टैचू आफ एरिअल और प्रोसपेरो प्रसारण के प्रतीक के रूप में लगाए हैं।
इनको पिछले सदी के महान ब्रिटिश कलाकारों में से एक व्यक्ति ने बनाया है, जिसकी कलाकृतियां ब्रिटेन के प्रमुख संग्रहालयों में रखी हुई हैं।
1882 में जन्मा एरिक 1913 में कैथोलिक ईसाई बना था। उसे वेस्टमिंस्टर चर्च में क्रॉस के स्थान को डिजाइन करने के लिए भी बुलाया गया था। उस चर्च ने भी उसकी कलाकृतियों को हटाने से इंकार कर दिया है।
1940 में एरिक की मौत हो गई थी।