चुनाव आयोग किसी राजनैतिक पार्टी अथवा किसी व्यक्ति से न तो डरता है और न ही उसे कोई धमका सकता है। यह एक संवैधानिक संस्था है। दायित्वों को निष्पक्ष व निडर तरीके से पूरा करने के लिए इसके पास पूरे अधिकार हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त वीएस संपत ने वाराणसी में भाजपा की रैली को लेकर पैदा हुए विवाद के बाद अचानक बुलाई गई एक प्रेस कांफ्रेस में ये बातें कही।
चुनाव आयुक्त ने किसी दल का नाम लिए बिना कहा कि जिस तरह आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाये जा रहे हैं उसको देखते हुए हमें आप लोगों (मीडिया) को बुलाना पड़ा।
आयोग ने उठाए हैं बड़े कदम
उन्होंने कहा कि आपको पता है कि चुनाव आयोग ने निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण चुनाव के लिए अब तक कई कड़े कदम उठाए हैं। सभाओं में घृणा फैलाने वाले भाषण देने पर हमने पार्टियों के स्टार प्रचारकों तक पर प्रतिबंध लगाया है।
हम देश के लोगों को यह आश्वस्त कराना चाहते हैं कि आयोग निष्पक्ष चुनाव कराने के अपने चुनौतीपूर्ण दायित्व को अच्छी तरह से अंजाम दे रहा है। हम चुनाव कानूनों के अनुपालन तथा आचार संहिता के मामले में किसी भी दल के साथ भेदभाव नहीं कर सकते।
वाराणसी के डीएम को नहीं हटाएंगे
संपत ने कहा कि हम वाराणसी के डीएम सह जिला निर्वाचन अधिकारी का ट्रांसफर नहीं करेंगे। हम राजनैतिक दलों तथा चुनाव में लगे अफसरों दोनों के साथ उचित व्यवहार किए जाने के पक्ष में हैं।
निष्पक्ष चुनाव में किसी तरह की बाधा होने की आशंका होगी तभी हम किसी अधिकारी को हटाने का आदेश देंगे। बीजेपी की रैली के लिए अनुमति नहीं देने का फैसला सुरक्षा एजेंसियों से मिली रिपोर्ट के आधार पर ली गई है जो सही है।
भाजपा ने बुधवार को रैली की अनुमति नहीं मिलने पर जिलाधिकारी पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए उन्हें हटाने की मांग की थी।
'समझदारी दिखाएं सीनियर नेता'
चुनाव आयुक्त ने कहा कि राजनीतिक दलों के सीनियर नेताओं को समझदारी दिखानी चाहिए। आयोग वैसे इस तरह के हमलों की अनदेखा करता है लेकिन कुछ मामलों में सख्त कदम उठाए जाने के बाद आयोग पर हमले बढ़े हैं।
लोकसभा चुनाव के दौरान अब तक देशभर में 3000 नेताओं की जनसभाएं हो चुकी हैं। राजनीतिक दलों के लोग यह समझते हैं कि किसी भी सभा व रैली के लिए कुछ समय पहले आवेदन करना होता है।
चुनाव आयुक्त संपत ने कहा कि जिस तरह एक संवैधानिक संस्था की निष्पक्षता पर हमला किया जा रहा है वह उसकी भर्त्सना करते हैं। यह आयोग की आजादी के लिए नुकसान दायक साबित होगा।
राहुल की शिकायत लेकर चुनाव आयोग पहुंची भाजपा
अमेठी मे मतदान के दिन ईवीएम मशीन के पास कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की शिकायत चुनाव आयोग पहुंचा दी गई है। भाजपा ने चुनाव आयोग से इस मामले में कार्रवाई करने की मांग की है।
पार्टी के पूर्व अध्यक्ष वेंकैया नायडू ने इसे कानून का उल्लंघन बताते हुए कहा कि कांग्रेस उपाध्यक्ष का यह कदम अपराध की श्रेणी मे आता है। भाजपा की शिकायत पर चुनाव आयोग ने रिपोर्ट तलब कर ली है।
उन्होंने कहा कि कानून किसी भी प्रत्याशी को ईवीएम मशीन के पास जाने की अनुमति तभी देता है, यदि वह उस क्षेत्र का मतदाता हो। इसके अलावा मतदान अधिकारी और मतदाता ही मतदान के दौरान मशीन के पास जा सकते हैं।