आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी पर अब केंद्र सरकार ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। एक अंग्रेजी अखबार में छपी खबर के मुताबिक सरकार ने ईडी की टीम को सिंगापुर भेजा है ताकि लेटर रोगेटरी (एलआर) में तेजी लाई जा सके।
खबर के मुताबिक ईडी दो साल तक इस मामले में कोई एक्शन नहीं ले रही थी। 2013 में यूनाइटेड किंगडम ने वाइज्ड एलआर मांगा, इसके बाद भी प्रवर्तन निदेशालय ने एलआर नहीं भेजा। इसका नतीजा यह हुआ कि 2010 में भारत सरकार द्वारा पासपोर्ट रद्द कर दिए जाने के बाद भी ललित मोदी ब्रिटेन में ही रहे।
ललित मोदी प्रकरण में भाजपा नेताओं का नाम उछलने के बाद केंद्र सरकार हरकत में आई है। सरकार ने पहली बार प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों को लेटर रोगेटरी (एलआर) में तेजी लाने के लिए सिंगापुर भेजा है।
ईडी ने सिंगापुर और मॉरिशस को दो एलआर लिखे हैं। ये एलआर प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के अंतर्गत लिखे गए हैं।