मात्र 18 दिन के अंतराल पर एक बार फिर भूकंप के झटकों के खतरनाक संकेत हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह पिछले भूकंप का ऑफ्टर शॉक नहीं है लेकिन सभी झटके उसी से जुड़े हैं। यह एडजेस्टमेंट की प्रक्रिया है और छह महीने तक जारी रहेगी।
यानी, लोग इस तरह के झटकों के लिए छह महीने तक तैयार रहें और सतर्कता बरतें। वैज्ञानिकों के एक वर्ग का तो यह भी कहना है कि तीन जगहों पर भूकंप का केंद्र होने से खतरा बंट गया। अन्यथा, इसके और नुकसान हो सकते थे।
भूकंप पर वर्षों से शोध कर रहे इलाहाबाद विश्वविद्यालय के अर्थ एंड प्लेनटरी साइंसेज के प्रोफेसर जयंत त्रिपाठी का कहना है कि 25 और 26 अप्रैल के बाद अब मंगलवार को आए सभी भूकंप इंडियन प्लेट के मूवमेंट के ही हिस्से हैं।
हालांकि मंगलवार को आए सभी अलग भूकंप थे और 25 अप्रैल के झटकों का ऑफ्टर शॉक नहीं हैं। धरती में जगह-जगह बहुत ऊर्जा एकत्रित है। एडजेस्टमेंट की इस प्रक्रिया में ऊर्जा बढ़ने से भूकंप आए। इस तरह के झटके अभी पांच-छह महीने तक और लग सकते हैं।