पाकिस्तान के सबसे बड़े शहर कराची में एक बस पर बंदूकधारियों की गोलीबारी में 43 लोग मारे गए हैं और कई अन्य घायल हुए हैं।
पुलिस के मुताबिक यह घटना बुधवार सुबह सिप्पोर चोरनगी पर साढ़े नौ बजे के करीब हुई जब तीन मोटरसाइकिलों पर सवार हमलावरों ने एक यात्री बस को निशाना बनाया।
सिंध के आईजी गुलाम हैदर जमाल ने घटनास्थल का दौरा करने के बाद पत्रकारों को बताया कि विभिन्न अस्पतालों से अब तक 43 लोगों की मौत और 13 के घायल होने की पुष्टि हो चुकी है।
हमलावरों ने 9 एमएम के पिस्तौल से फायरिंग की
उन्होंने बताया कि हमलावरों की संख्या छह थी जिन्होंने बस को रोका और उसके अंदर घुसकर नाइन एमएम की पिस्तौल से फायरिंग की। जिस बस को हमलावरों ने निशाना बनाया, उसमें शिया समुदाय के 60 से अधिक लोग सवार थे।
इस गोलीबारी में घायल होने वालों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। घायलों को मेमन अस्पताल में दाखिल कराया गया है। इनमें से कई की हालत गंभीर है।
पुलिस के मुताबिक़ हमलावर मोटरसाइकिल पर सवार थे। उन्होंने पहले बस के ड्राइवर को गोली मारी और फिर बस के अंदर घुसकर फायरिंग कर दी।
चालक की समझदारी से बची कई घायलों की जान
बीबीसी संवाददाता के मुताबिक हमले के बाद बस घायल ड्राइवर खुद बस चलाकर पास में स्थित मेमन अस्पताल लेकर गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और पाकिस्तान रेंजर्स के जवान घटनास्थल पर पहुंचे और क्षेत्र को घेर लिया। लेकिन हमलावर फायरिंग के बाद भाग निकले।
सरकारी टीवी चैनल पीटीवी के मुताबिक़ गृहमंत्री चौधरी निसार अली खान ने घटना पर आईजी सिंध से रिपोर्ट मांगी है।
सिंध प्रांत के मुख्यमंत्री कायम अली शाह ने जियो टीवी को बताया कि यह साफ तौर पर योजनाबद्ध कार्रवाई लग रही है। हमलावर रास्ते में घात लगाकर बैठे थे।
शाह ने बताया कि मृतकों के लिए पांच-पांच लाख रुपए के मुआवजे की घोषणा की गई है।