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बसपा नेता की हत्या के दोनों आरोपी पकड़े गए

Mon, 01 Apr 2013 01:03 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
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बसपा नेता और कारोबारी दीपक भारद्वाज की हत्या के दोनों मुख्य आरोपियों को पकड़ लिया गया है। ये आरोपी कोर्ट में सरेंडर करने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन पुलिस इन्हें हिरासत में लेने में कामयाब रही।
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पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई स्कोडा कार के मालिक को भी गिरफ्तार कर लिया है।

गौरतलब है कि रविवार को दिल्ली पुलिस ने इस मामले में स्कोडा कार के ड्राइवर अमित को गिरफ्तार किया था।

अमित से हुई पूछताछ के बाद पुलिस ने खुलासा किया कि शूटर पुरुषोत्तम ने ही दीपक भारद्वाज की हत्या की सुपारी ली थी।

पुलिस के मुताबिक, अमित ने इस बात की पुष्टि की कि हत्या के आरोपी पुरुषोत्तम और सुनील ही हैं। सोमवार को एक नाटकीय घटनाक्रम में पुरुषोत्तम और सुनील ने दिल्ली के पटियाला कोर्ट में सरेंडर करने की कोशिश की।

हालांकि पुलिस ने पुरुषोत्तम को सरेंडर करने से पहले ही पकड़ लिया, जबकि सुनील सरेंडर की अर्जी लगाने में कामयाब रहा। लेकिन कोर्ट ने सुनील की अर्जी भी खारिज भी कर दी, जिसके बाद दोनों को हिरासत में ले लिया गया।
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मास्टर मांइड कौन?

दीपक भारद्वाज की हत्या के मामले में पुरुषोत्तम और सुनील ही मुख्य आरोपी हैं। पुरुषोत्तम ने ही दीपक की हत्या की सुपारी ली थी।

हालांकि, अभी तक यह पता नहीं चला है कि कारोबारी की हत्या के लिए पुरुषोत्तम ने कितने रुपए लिए थे और सुपारी देने वाला कौन था।

रविवार को गिरफ्तार अमित ने बताया है कि हत्या के आरोपी सुनील और पुरुषोत्तम ही हैं। पुरुषोत्तम व अमित रिश्तेदार हैं और उसके कहने पर ही अमित इस वारदात में शामिल हुआ।

पुरुषोत्तम ने ली थी सुपारी

वारदात के बाद अमित जहांगीरपुरी में छिपकर रह रहा था। अमित ने यह भी खुलासा किया है कि पुरुषोत्तम ने हत्या की सुपारी काफी दिन पहले ले ली थी।

उसने रेकी कर हत्या की वारदात को अंजाम दिया है। हत्या के लिए दी गई रकम का काफी बड़ा हिस्सा वारदात से पहले ही पुरुषोत्तम को दे दिया गया था।

वारदात वाले दिन अमित ही स्कोडा कार को फार्महाउस ले गया था और लॉन-दो के पास सुनील व पुरुषोत्तम को कार से उतार दिया था।

इसके बाद वह कार को फार्महाउस के मेन गेट के पास ले गया था। इस वारदात में शामिल होने के लिए पुरुषोत्तम ने उसे भी मोटी रकम दी थी।

संपत्ति के विवाद में तो नहीं हुई हत्या?

हत्याकांड में शक की सुई बार-बार कारोबारी के परिवार पर ही टिक रही है। अमित की गिरफ्तारी के बाद रविवार को पुलिस अधिकारियों ने दीपक के बेटे हितेश से घंटों पूछताछ की।

पूछताछ के बारे में पुलिस का कोई भी अधिकारी बोलने को तैयार नहीं है। सूत्रों की मानें तो हितेश से हुई पूछताछ को भी पारिवारिक संपत्ति विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है।

यह बात तो साफ है कि दीपक और उसके परिवार के रिश्ते मधुर नहीं थे। छानबीन के बाद अब पुलिस इस बात का पता लगाने का प्रयास कर रही है कि दीपक की हत्या में कहीं परिवार या किसी करीबी का तो हाथ नहीं।

परिजनों के खातों की जांच जारी

पुलिस दीपक भारद्वाज की हत्या की सुपारी देने वाले को खोज रही है। सूत्रों की मानें तो पुलिस परिवार, रिश्तेदारों, दोस्तों और दीपक के पार्टनरों के बैंक खातों की जांच में जुटी है।

इस बात का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि किसके खाते से मोटी रकम निकाली गई। सूत्रों की मानें तो खातों के आधार पर ही पुलिस ने कई लोगों से पूछताछ भी की है।
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