गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के विवादास्पद बयान पर मचे सियासी घमासान की कड़ी में कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने अब ट्विटर पर मोदी की अलोचना करते हुए उन्हें नसीहत दी है।
दिग्विजय सिंह ने ट्वीट किया है कि मोदी देश को धर्म के आधार पर न बांटें। हमें राष्ट्रवादी भारतीय होना चाहिए न कि हिंदू राष्ट्रवादी या मुस्लिम, सिख और क्रिश्चियन राष्ट्रवादी।
अपने एक और ट्वीट में उन्होंने संघ परिवार पर निशाना साधाते हुए ट्वीट किया की वह सावरकर और जिन्ना की तरह इस महान देश को धर्म के आधार पर नहीं बांटें। वे दोनों देश विभाजन की कहानी के मुख्य रचियता थे।
दिग्विजय ने पाकिस्तान में महिला अधिकारों के लड़ने वाली मलाला यूसुफजई का जिक्र करते हुए हर तरह के कट्टरवाद की निंदा भी की।
उन्होंने ट्वीट में मलाला यूसुफजई के संयुक्त राष्ट्र में संबोधन करने पर बधाई दी और लिखा की मलाला ने तालिबान और कट्टपथिंयों का सख्त विरोध किया है।
क्या कहा था मोदी ने
नरेंद्र मोदी ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को दिए अपने इंटरव्यू में साल 2002 के गुजरात दंगों पर कहा था कि उसे लेकर उनके मन में कोई अपराधबोध नहीं है। मोदी ने कहा था कि उन्होंने कुछ गलत नहीं किया था जो उन्हें पछतावा हो।
उन्होंने कहा कि दंगा रोकने के लिए राज्य सरकार ने पूरी ईमानदारी से अपने संसाधनों और विवेक का उपयोग किया, जिसकी पुष्टि सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में गठित एसआईटी ने की है।
साक्षात्कार में मोदी ने यह भी कहा कि मैं हिंदू और राष्ट्रवादी हूं, इसमें कुछ गलत नहीं है। आप मुझे हिंदू राष्ट्रवादी कह सकते हैं।
हालांकि दंगे पर दुख व्यक्त करने के क्रम में मोदी यह उपमा दे कर विवादों में घिर गए कि कार के पहिए के नीचे अगर कुत्ते का बच्चा भी आ जाए तो अफसोस होता है। मोदी ने यह भी साफ कर दिया कि दंगा मामले में उन्हें आलोचनाओं की परवाह नहीं है।