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पढ़िए नर्स की डायरी, 'डॉक्टर पत्नी को छुए, मुझे बर्दाश्त नहीं'

Sat, 29 Nov 2014 03:23 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मुरादाबाद
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मुरादाबाद में खून के छींटों के साथ थाने कचहरी होते हुए जेल की सलाखों तक पहुंची डाक्टर और नर्स की इस मोहब्बत की शुरुआत करीब डेढ़ साल पहले साईं अस्पताल के मेडिकल आईसीयू से हुई थी। जो मार्च 2014 आते-आते परवान चढ़ने लगी।
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लेकिन डाक्टर के ये विवाहेत्तर संबंध ज्यादा दिन परदे में न रह सके और पत्नी व प्रेमिका के बीच संतुलन साधने में नाकाम डाक्टर भंवर में फंसता गया। नर्स को छोड़ना उसे गवारा नहीं था और पत्नी बच्चों को वो छोड़ नहीं सकता था।

अलबत्ता डेढ़ साल तक वो नर्स का शारीरिक शोषण करता रहा, इस बीच नर्स ने दर्जनों बार उससे पत्नी का दर्जा देने की मांग की। लेकिन शादीशुदा डाक्टर के प्यार में उलझी नर्स को पत्नी का हक तो भला क्या मिलता शुक्रवार को उसकी लव स्टोरी ने उसे जेल की सलाखों के पीछे जरूर पहुंचा दिया।
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शीतल की डायरी में डॉक्टर की करतूत

साईं अस्पताल की नर्स शीतल उर्फ सेजल चौधरी को डायरी लिखने की आदत थी। उसकी यही डायरी डा. कपिल चौधरी के लिए मुश्किल का सबब बन सकती है। इस डायरी में उसने तारीख वार लिखा है कि किस तरह 21 मई 2013 को अस्पताल ज्वाइन करने के चौथे पांचवें दिन ही डा. कपिल से उसका अफेयर शुरू हो गया। कपिल भी उसकी बिरादरी का है ये जानकर उसे खुशी हुई थी लेकिन दो महीने बाद उसके शादीशुदा होने की जानकारी होने पर उसने इस रिश्ते से कदम पीछे खींचने की कोशिश भी की थी।

लेकिन शीतल की डायरी बताती है कि शुरू में डाक्टर ने उसे खुद से दूर नहीं जाने दिया और मार्च 2014 आते-आते दोनों इतने नजदीक आ चुके थे कि डा. कपिल चौधरी का ज्यादातर वक्त नर्स शीतल चौधरी के कमरे में पर ही गुजरता था। हरेक रात और लम्हे के बारे में शीतल ने डायरी में तारीखवार विवरण दर्ज किया है।

लिखा है दो बार वो डा. कपिल के साथ हरिद्वार भी गई बस वहीं से मामला बिगड़ता चला गया। अक्सर वेव में पिक्चर देखने जाने और मेडिकल आईसीयू से लेकर इमरजेंसी तक में बिताए लम्हों को शीतल ने डायरी में अक्षरों से उतारा है।
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मानसिक उलझन में रहती थी शीतल

पूरी डायरी में एक खास बात ये उभरी है कि शीतल चौधरी मानसिक रूप से उलझन में थी और रोजाना नींद की गोलियां लेकर सोती थी। उसे डा. कपिल का अपनी पत्नी डा. संगीता को बाइक पर बैठाकर रोजाना टीएमयू तक छोड़कर आना पसंद नहीं था। डा. संगीता टीएमयू में नौकरी करती है और सुबह शाम लाने ले जाने का काम डा. कपिल ही करते थे। डायरी में सौ से भी ज्यादा बार शीतल ने लिखा है कि वो डा. संगीता को जब भी अपने ब्वाय फ्रेंड डा. कपिल के कंधे पर हाथ रखकर बाइक पर बैठे देखती थी उसके अंदर क्रोध की ज्वाला फट पड़ती थी और वो इस लम्हे को बर्दाश्त नहीं कर पाती थी।

नर्स को भद्दी गालियां देता था डाक्टर
नर्स शीतल सिंह ने अपनी डायरी में लिखा है कि उसे शारीरिक रूप से इस्तेमाल करने के बाद डा. कपिल ने उससे किनारा करना शुरू कर दिया था। वो अक्सर उसे भद्दी गालियां देते थे एक बार थप्पड़ भी मारे और उसके चरित्र पर भी उंगली उठाई। शीतल ने लिखा है कि उसने सैकड़ों बार डा. कपिल से दूर जाने की कोशिश की लेकिन ऐसा हो न सका। डायरी बताती है कि शीतल पत्नी का दर्जा पाने के लिए डा. कपिल पर जोर डाल रही थी। वो डा. संगीता को डा. कपिल के साथ एक पल के लिए नहीं देख सकती थी। उसने खुद लिखा है कि वो कभी दूध लेने के बहाने तो कभी सब्जी लेने के बहाने डा. कपिल की गली से गुजरती थी उसका मकसद बस ये देखना होता था कि डा. कपिल अपनी पत्नी डा. संगीता के नजदीक न आएं, किसी भी सूरत में संगीता उसके प्रेमी को छू न पाए।

महिला डाक्टर पर हमला करने वाली नर्स को जेल
टीएमयू की महिला डाक्टर संगीता चौधरी पर कातिलाना हमला करने की आरोपी अमरोहा में रजबुपर के गांव मेहम्मदी निवासी नर्स शीतल उर्फ सेजल चौधरी को पुलिस ने शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे चौदह दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। उधर, नर्स के परिजनों ने थाने पहुंचकर बेटी को बेकसूर बताया है। इससे पहले गुरुवार रात को ही डा. कपिल को खुद अपनी प्रेमिका नर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज करानी पड़ी थी। हालांकि वह मामले को हादसा बताने पर आमादा थे उन्होंने अस्पताल पहुंचकर भी इसे हादसा बताया था। लेकिन जब मझोला थानाध्यक्ष नीरज मलिक ने चेतावनी दी कि दस मिनट में तहरीर नहीं मिली तो पुलिस खुद वादी बन जाएगी तब डाक्टर ने मजबूरन थाने में तहरीर दी।
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