यूपीए में सहयोगी द्रमुक ने केंद्र सरकार पर श्रीलंका में युद्ध अपराधियों को दंडित कराने के लिए दबाव बढ़ा दिया है। द्रमुक सुप्रीमो एम करुणानिधि ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि केंद्र सरकार संयुक्त राष्ट्र में लाए जा रहे प्रस्ताव में बदलाव कराने की उसकी मांगें नहीं मानती है तो पार्टी कैबिनेट से अपने मंत्रियों को हटा लेगी।
करुणानिधि ने कहा कि यदि हमारी मांगें नहीं मानी जाती हैं तो द्रमुक के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की कैबिनेट में बने रहने का कोई अर्थ नहीं है। उन्होंने कहा कि अमेरिका की ओर से संयुक्त राष्ट्र में लाए जा रहे प्रस्ताव पर बहुत सी बातें कही जा रही हैं, लेकिन द्रमुक की मांग है कि सरकार इस प्रस्ताव में बदलाव कराए।
नरसंहार के आरोपियों की पहचान की जाए। युद्ध अपराधियों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय शुरू की जाए। द्रमुक सरकार पर प्रस्ताव के समर्थन में वोट देने के लिए दबाव बना रही है।
मालूम हो कि लिट्टे प्रमुख प्रभाकरन के बेटे की हत्या की तस्वीरों के बाद श्रीलंका के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज हो रही है।