आम आदमी पार्टी (आप) की पीएसी से योगेन्द्र यादव और प्रशांत भूषण को हटाने के मामले में राजस्थान के प्रतिनिधि के वोट को लेकर प्रदेश में सवाल खड़े हो गए हैं।
आप के राजस्थान के प्रवक्ता डॉ राकेश पारीख ने ट्वीट किया कि पीएसी में राजस्थान की ओर से वोट देने वाले सुनील आगीवाल ने प्रदेश स्तर पर तय दिशा-निर्देश का पालन नहीं किया।
पारीख के ट्वीट के बाद से राजस्थान की ओर से पीएसी में किए गए वोट का मुद्दा जोर पकड़ गया है। पारीख के अनुसार प्रदेश समन्वयक अशोक जैन ने उन्हें (पारीख) अधिकृत किया था।
लेकिन आप के केन्द्रीय सचिवालय ने पारीख को बैठक में शामिल नहीं किया। बाद में 4 मार्च को हुई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में प्रदेश की ओर से केंद्रीय इकाई ने सुनील आगीवाल को बुलाया।
इधर, आप पार्टी के प्रदेश समन्वयक अशोक जैन ने बताया कि वे बैठक में जा नहीं पा रहे थे, इसलिए पार्टी प्रवक्ता डॉ. राकेश पारीख को प्रदेश के प्रतिनिधि के तौर पर शामिल होने के लिए अधिकृत किया था। लेकिन पारीख को केंद्रीय नेतृत्व ने शामिल नहीं किया। यह प्रदेश टीम का सामूहिक निर्णय था। इसके अलावा उन्होंने कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया।
पारीख के बयान से आप ने बनाई दूरी
आम आदमी पार्टी ने राजस्थान के प्रवक्ता डॉ. राकेश पारीख के उस बयान से दूरी बना ली है, जिसमें उन्होंने कहा था कि योगेन्द्र यादव और प्रशांत भूषण को हटाना गलत निर्णय है और ये निर्णय एक व्यक्ति द्वारा लिया गया है। पार्टी की प्रदेश इकाई द्वारा जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि आप की प्रदेश इकाई आप के संयोजक अरविंद केजरीवाल के साथ है और डॉ. पारीख के विचार पार्टी के विचार नहीं हैं। राजस्थान इकाई केन्द्रीय इकाई के निर्णयों के साथ है।