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पाकिस्तान: ढहने की कगार पर दिलीप कुमार का घर

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बॉलीवुड में ट्रेजेडी किंग के नाम से मशहूर अभिनेता दिलीप कुमार का पाकिस्तान स्थित पुश्तैनी मकान ढहने के कगार पर है।
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पेशावर स्थित पुश्तैनी घर को पाकिस्तान सरकार ने पिछले साल ही राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा दिया था, लेकिन अब इसकी दो मंजिलें जर्जर हो चुकी हैं।

किस्सा ख्वानी बाजार के पड़ोस में खुदादाद मुहल्ले के निवासियों ने सरकार से गुहार लगाई है कि इस राष्ट्रीय स्मारक को बचाने के लिए फौरन जरूरी कदम उठाए।

पिछले ही साल जुलाई में जब दिलीप कुमार के इस घर को राष्ट्रीय स्मारक घोषित किया गया तो इस तिमंजिला मकान को गर्व के साथ देखने वाले पेशावर के लोगों को खुश होने की एक और खास वजह मिल गई थी।

बृहस्पतिवार को अस्पताल से मिली छुट्टी के बाद अपना 92वां जन्मदिन मनाने वाले दिलीप कुमार को पाकिस्तान के सबसे बड़े नागरिक सम्मान निशान-ए-इम्तियाज से नवाजा जा चुका है।
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जिंदगी के शुरुआती सात साल यहीं गुजरे

दिलीप कुमार का यह पुश्तैनी घर कुल 130 वर्ग मीटर में फैला है। सरकार ने इसे एक संग्रहालय बनाने की योजना बनाई थी, लेकिन इस दिशा में अभी तक कुछ किया नहीं गया है।

दिलीप कुमार के पुश्तैनी घर के पड़ोस में रहने वाले शाह हुसैन ने कहा, ‘यह मकान बहुत बुरी स्थिति में है और कभी भी गिर सकता है। यदि ऐसा हुआ तो यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण होगा क्योंकि यह एक राष्ट्रीय स्मारक है।’

हुसैन ने कहा कि यह बहुत दुखद है कि सरकारें इसकी मकान और पेशावर की सांस्कृतिक विविधता को बचाने में विफल रहीं।

दिलीप कुमार का मकान जिस किस्सा ख्वानी बाजार में स्थित है, वह मध्य एशिया एवं भारत-पाक क्षेत्र के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान का केंद्र रहा है।  पेशावर में जन्मे दिलीप कुमार का असली नाम यूसुफ खान है।

उन्होंने अपनी जिंदगी के शुरुआती सात साल इसी मकान में बिताए थे। 1930 के दशक के आखिर में उनका परिवार मुंबई चला गया था।
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