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मेरा भी धर्म परिवर्तन करा दे भाजपा: अखिलेश

Sat, 13 Dec 2014 01:26 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कानपुर
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यूपी में दो साल बाद विधानसभा चुनाव होंगे लेकिन सपा को अभी से भाजपा और आरएसएस का भूत सता रहा है। शुक्रवार को शहर आए सपा के प्रदेश अध्यक्ष और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने तरकश के सारे तीर भाजपा-आरएसएस पर छोड़े। इन पर सामाजिक सौहार्द्र बिगाड़ने की साजिश का आरोप लगाया। साथ ही कहा कि झूठे वादे कर सत्ता में आए हैं, जिसे पूरा करने के लिए कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं।
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मुख्यमंत्री ने भाजपा और आरएसएस को बुद्धि डकैत तक बता डाला। कहा कि ये लोग दुष्प्रचार में माहिर हैं। कब, किस बात को क्या बनाकर पेश कर देंगे, इसका अंदाजा लगा पाना मुश्किल रहता है। इसलिए सपा कार्यकर्ताओं को सावधान रहने की जरूरत है। जरूरत है बुद्धि डकैती का मुकाबला बुद्धि दांव से करने की, ताकि इनके मंसूबों को ध्वस्त किया जा सके। उन्होंने पूरे भाषण में कांग्रेस और बसपा का नाम तक नहीं लिया। राजनीति के माहिर इसे सपा की खास रणनीति बता रहे हैं। कह रहे हैं कि सपा ने यह मान लिया है कि अगला विधानसभा चुनाव भाजपा बनाम सपा होगा। इसलिए अभी से मोर्चा बंदी शुरू कर दी गई है।

यूपी का विधान सभा चुनाव वर्ष 2017 में होगा। लेकिन चुनावी बिसात अभी से तैयार हो गई है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि गुरुवार को यूपीएसआईडीसी के ट्रांसगंगा हाईटेक सिटी का शिलान्यास करने उन्नाव आए मुख्यमंत्री ने भाजपा और आएसएस को भूत कहा था। कहा था कि इनके सिर पर भूत सवार है। ये कुछ भी कर सकते हैं। मुख्यमंत्री का यही रंग शुक्रवार को कानपुर आने के बाद भी देखने को मिला।
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15 मिनट के भाषण में मुख्यमंत्री ने कांग्रेस और बसपा का जिक्र तक नहीं किया लेकिन केंद्र की मोदी सरकार को घेरना नहीं भूले। जरूरतमंदों को आर्थिक सहायता देने, विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने आए मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी सरकार दिशाहीन है। चीन और पाकिस्तान को आंख दिखाने की बात कहकर सत्ता में आए। लेकिन कुछ नहीं कर पा रहे हैं। सीमा पार से गोलीबारी जारी है। यूपी में कटियाबाजी से बिजली जलती है। इसका अंदाजा था, फिर भी 24 घंटे बिजली देने का दावा किया गया। यह अभी तक संभव नहीं हो सका है।

मुख्यमंत्री ने गंगा सफाई अभियान और गौ रक्षा का राग अलापने के बहाने भी भाजपा को घेरा। कहा कि हमने गाय पाल रखी है। भाजपा के किसी नेता ने गाय पाली हो तो बताएं। सपा गौ रक्षा को लेकर संजीदा है लेकिन इसके नाम पर भाजपा या आरएसएस को राजनीति नहीं करने देगी। कानपुर की टेनरियां काफी लंबे समय से चल रही हैं। लेदर यहां की खास पहचान है, जिसे मिटाने की साजिश चल रही है। यह मुहिम कामयाब नहीं होगी।

मुख्यमंत्री ने पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं से कहा कि सपा सरकार की उपलब्धियों को लेकर जनता के बीच में जाएं। उन्हें बताएं कि कम समय में सरकार ने क्या कुछ किया है। यदि भाजपा और आरएसएस वाले पहले पहुंच गए तो कह देंगे कि सब कुछ बर्बाद हो गया है।

मेरा भी धर्म परिवर्तन करा दे भाजपा - अखिलेश

पहले लव जेहाद, फिर मस्जिदों के लाउडस्पीकर और अब धर्म परिवर्तन की घटना से खफा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शुक्रवार को यहां भाजपा और आरएसएस को निशाने पर लिया। सरकारी कार्यक्रम में हिस्सा लेने आए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा समाज में जहर फैलाने का काम कर रही है। सपा सरकार इन मंसूबों को कामयाब नहीं होने देगी। मुख्यमंत्री ने चुटकी लेते हुए कहा कि भाजपा वालों से कहेंगे कि हमारा भी धर्म परिवर्तन करा दें। देखते हैं क्या बनाते हैं मुझे। 25 दिसंबर को अलीगढ़ में प्रस्तावित धर्म परिवर्तन के एक मामले पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून अपना काम करेगा। पुलिस को दिशा-निर्देश दिए जा चुके हैं।

कानपुर नगर के 19 विभागों के 53 परियोजनाओं के 11000 लाभार्थियों को 84 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने, 106 करोड़ रुपये की 60 परियोजनाओं का उद्घाटन और 460 करोड़ रुपये की 15 परियोजनाओं का शिलान्यास करने के बाद मुख्यमंत्री ने मीडिया से बात की और कहा कि भाजपा ने प्रदेश वासियों को 24 घंटे बिजली देने का दावा करके केंद्र की सत्ता हासिल की है। अब बिजली देने का नाम नहीं कर पा रहे हैं। सपा सरकार अच्छी बिजली उपलब्ध कराएगी। इस दिशा में काम चल रहा है। मैं पूछना चाहता हूं कि पिछले छह महीने में केंद्र सरकार ने क्या किया। पाकिस्तान के हमलों में सेना के जवान मारे जा रहे हैं। नक्सली हमले में सीआरपीएफ जवान शहीद हो रहे हैं। केंद्र सरकार के पास कोई दिशा नहीं है। जो लोग गौरक्षा की बात करते हैं, उनके घरों में गाय नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गौ रक्षा का संकल्प लेने वाले भाजपा नेताओं को जूता पहनना और बेल्ट लगाना छोड़ देना चाहिए। इसकी जगह खड़ाऊं पहनना चाहिए। कहा कि आईजी, डीआईजी भी बेल्ट लगाना छोड़ दें, मैं पूछने नहीं जाऊंगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा हल्ला मचाकर टेनरियों का नुकसान करना चाहती है, जो कि राज्य सरकार नहीं होने देगी। उन्होंने कहा कि भाजपा और आरएसएस पैसे के दम पर धर्म परिवर्तन कराना चाह रहे हैं। यह यूपी ही नहीं, पूरे देश में वैमनस्यता फैलाने की साजिश है। राज्यपाल राम नाईक अयोध्या में राम मंदिर बनवाने के बयान को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब मुख्यमंत्री ने नहीं दिया। यह जरूर कहा कि राजभवन से सरकार के संबंध हैं।

नोएडा विकास प्राधिकरण के चीफ इंजीनियर यादव सिंह के खिलाफ कार्रवाई में देरी पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून अपना काम कर रहा है। यादव सिंह को सस्पेंड किया जा चुका है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने उन्नाव को कानपुर और लखनऊ की तरह विकसित करने की बात कही। कहा कि ट्रांस गंगा की हाईटेक सिटी की लांचिंग हो गई है। अब कानपुर और लखनऊ के साथ ही उन्नाव में औद्योगिक इकाइयां स्थापित की जा सकेंगी। मुख्यमंत्री ने सपा सरकार के कामकाज की तारीफ की और कहा कि पिछले ढाई सालों में तमाम ऐसे काम हुए हैं, जो कि देश और प्रदेश की कोई सरकार नहीं कर सकी है। समाजवादी पेंशन योजना इसका एक उदाहरण है।  मुख्यमंत्री ने मीडिया को भी निशाने पर लिया। कहा कि बदायूं में दो बहनों के मामलों को लेकर राज्य सरकार को काफी भला-बुरा कहा गया। अब नतीजा सामने है। मीडिया को धीरे-धीरे समझ में आ जाएगा कि सपा सरकार अच्छा काम कर रही है।

शहीद के परिवार को दी 20 लाख की सहायता

छत्तीसगढ़ के नक्सली हमले में शहीद डिप्टी कमांडेंट बृजेंद्र स्वरूप वर्मा के परिजनों को शुक्रवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी। शहीद के माता-पिता को चेक दिया और कहा कि शहीद के परिवार की हर संभव मदद की जाएगी। मुख्यमंत्री से आर्थिक सहायता लेने के दौरान शहीद के पिता कुबेर वर्मा फूटकर रोने लगे। इस पर मुख्यमंत्री ने उन्हें सांत्वना दी।

शहीद डिप्टी कमांडेंट के परिवार ने पहले मुख्यमंत्री को खाड़ेपुर बुलाने की मांग की, लेकिन अधिकारियों के समझाने के बाद शहीद के पिता कुबेर वर्मा, मां सरोज वर्मा, बेटा रवि वर्मा और बेटी दिव्या शुक्रवार को चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कैलाश भवन सभागार में पहुंच गए। यहां डीएम डॉ. रोशन जैकब ने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने की पहल की। इसके बाद मुख्यमंत्री ने उन्हें मंच पर बुलाकर उनका दुख-दर्द बांटा। 20 लाख रुपये का चेक दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीदों के सम्मान को लेकर प्रदेश सरकार गंभीर है।

मालूम हो कि पिछले कुछ महीनों में कानपुर के दो और शहीद के परिवार वालों को 20-20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है। हालांकि आर्थिक सहायता पाने के बाद भी शहीद के पिता व्यथित हैं। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री दरवाजे पर आकर सांत्वना देते तो ज्यादा अच्छा रहता।

मुख्यमंत्री का गुस्सा देख पसीना-पसीना हुए चौधरी सुखराम

मंच पर चढ़ने को लेकर हंगामा करने और प्रशासनिक अधिकारियों की सीट पर जबरन बैठने से नाराज मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आज यहां सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को आड़े हाथों लिया। साफ कहा कि जो लोग मंच पर चढ़ने के लिए सुरक्षा कर्मचारियों से लड़ रहे थे, उनके खिलाफ कार्रवाई जरूर करूंगा। जो मेरा सम्मान नहीं करते, उनसे दूसरों को सम्मान देने की अपेक्षा नहीं की जा सकती है। मुख्यमंत्री ने सबसे ज्यादा खरी-खोटी विधान परिषद के पूर्व सभापति चौधरी सुखराम सिंह को सुनाई। एक मामले को लेकर ऐसी झाड़ पिलाई कि एसी हाल और सर्दी में भी मुख्यमंत्री के साथ मंच पर बैठे चौधरी सुखराम सिंह माथे का पसीना पोंछते नजर आए और शायद यही वजह रही कि वे बाद के कार्यक्रमों में नजर नहीं आए।

शुक्रवार की सुबह 11:30 बजे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कैलाश भवन सभागार पहुंचे। यहां गरीब परिवारों को आर्थिक सहायता और योजनाओं का लाभ देने का कार्यक्रम शुरू हुआ। इसी बीच सपा जिलाध्यक्ष ओम प्रकाश मिश्रा और नीलम रोमिला सिंह मंच पर चढ़ने लगे। इस पर मुख्यमंत्री के सुरक्षा कर्मचारियों ने आपत्ति की और बहस होने लगी। यह देख डीएम डॉ. रोशन जैकब ने हस्तक्षेप किया और सपा के दोनों पदाधिकारियों को मंच पर जाने दिया। इसके बाद पूर्व सांसद राकेश सचान और अमिताभ बाजपेयी सहित तमाम अन्य नेता मंच पर जाने लगे। इस पर भी सुरक्षा कर्मचारियों ने ऐतराज जताया, जिसे सपा नेताओं ने नजर अंदाज कर दिया। इस कारण कहासुनी हुई और एक बार फिर डीएम के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ।  इससे पहले सरकारी कार्यक्रम के मंच पर लगी कुर्सी पर बैठने को लेकर छीना झपटी हुई। मंत्री, विधायकों में कुर्सी खींचकर बैठने की होड़ सी दिखी।

नतीजा यह रहा कि कमिश्नर, डीएम, केडीए वीसी, केस्को एमडी सहित तमाम प्रशासनिक अधिकारियों को पीछे की कुर्सी पर बैठना पड़ा। यहीं कैलाश भवन के मंच के सामने जो कुर्सी प्रशासनिक अधिकारियों के लिए लगी थी, उस पर भी सपाइयों ने कब्जा जमा लिया था। यही देखकर मुख्यमंत्री भड़क उठे। संबोधन के लिए माइक पकड़ते ही पहले सपाइयों को अनुशासन का पाठ पढ़ाना शुरू कर दिया। गुस्से से कहा कि अनुशासन ही समाज में अच्छा संदेश देता है, जो कि सपा नेता नहीं दे पा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने इशारों-इशारों में ही सपा के बड़े नेताओं पर हमला बोला। कहा कि कार्यकर्ता को सम्मान देकर ही पार्टी को आगे बढ़ाया जा सकता है। खास करके उन कार्यकर्ताओं की जो फरवरी 2012 के पहले से पार्टी से जुड़े हैं। जो लोग सरकार बनने के बाद आए हैं, वह सरकार जाने के बाद चले भी जाते हैं।
इससे पहले मुख्यमंत्री ने सारी नाराजगी चौधरी सुखराम सिंह पर उतारी।

किसी मामले को लेकर मुख्यमंत्री ने झल्लाहट दिखाई और एक व्यक्ति को आर्थिक सहायता देने का चेक चौधरी सुखराम को पकड़ाने की कोशिश की। कहा कि आप ही चेक बांट दीजिए। इससे सकपकाए चौधरी थोड़ा दूर जाकर खड़े हो गए। इतना ही नहीं मुख्यमंत्री ने सुखराम से यहां तक कह दिया कि अंदर से विरोध करते हैं, लेकिन बाहर से सगा बनने की कोशिश करते हैं। यह सब अब नहीं चलेगा। जो काम करेगा, वही पार्टी में सम्मान से रहेगा। जिसे पार्टी छोड़कर जाना है, जा सकता है। मुख्यमंत्री की नाराजगी का ही असर रहा कि चौधरी सुखराम प्रशासनिक भवन के बाहर मैदान में लगे कार्यक्रम को देखने तक नहीं गए। मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर उड़कर चला गया और वह प्रशासनिक भवन के पास खड़े होकर देखते रहे।
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कानपुर में भी दौड़ेगी मेट्रो

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आज यहां कानपुर नगर में भी मेट्रो चलाने का ऐलान कर दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि मेट्रो की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) एक साल के अंदर तैयार करा ली जाएगी। कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) इस पर जल्द ही काम शुरू कर देगा। वर्ष 2016 से कानपुर में मेट्रो का काम शुरू हो जाएगा। लखनऊ के बाद कानपुर को मेट्रो की सौगात दी जा रही है। दूसरी तरफ यूपीएसआईडीसी के हाईटेक ट्रांस गंगा सिटी के पास ही जिला प्रशासन की ओर से लखनऊ के गोमती नगर की तर्ज पर हाउसिंग सिटी डेवलप करने का प्रस्ताव दिया गया है, जिसे कि मुख्यमंत्री की सैद्धांतिक सहमति मिल गई है।

तमाम परियोजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास करने शुक्रवार को चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कैलाश भवन सभागार पहुंचे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शहरवासियों को मेट्रो का बड़ा तोहफा दिया बौर कहा कि मेट्रो के आने के बाद यातायात की समस्या खत्म हो जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ में मेट्रो का काम शुरू हो गया है। पिलर खड़े किए जा रहे हैं। 2017 के विधानसभा चुनाव से पहले लखनऊ में मेट्रो का संचालन जरूर शुरू हो जाएगा। चुनाव से पहले ही कानपुर नगर में भी मेट्रो का काम शुरू हो जाएगा।

उन्होंने माना कि कानपुर प्रदेश का महत्वपूर्ण शहर है। यहां से सबसे ज्यादा राजस्व मिलता है। आबादी काफी ज्यादा है। इसलिए यहां पर भी मेट्रो की जरूरत महसूस की जा रही है। इससे पहले मंच पर आए कल्याणपुर विधायक सतीश निगम ने कानपुर में मेट्रो की मांग की थी, जिसे मुख्यमंत्री ने मान लिया है। वहीं, कमिश्नर मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन ने कहा कि गंगा बैराज के पास बनने वाले यूपीएसआईडीसी के हाईटेक ट्रांस गंगा सिटी के पास ही 2000 एकड़ में एक और हाउसिंग सिटी डेवलप करने की योजना बनाई गई है। यह सिटी लखनऊ के गोमती नगर की तर्ज पर विकसित होगी। इसका डीपीआर तैयार कराया जा रहा है। हाउसिंग सिटी का विकास केडीए कराएगा।

कमिश्नर के इस प्रोजेक्ट की मुख्यमंत्री ने तारीफ की और कहा कि बेकार पड़ी जमीन का इस्तेमाल हाउसिंग सिटी के लिए किया जा सकता है। किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसका ध्यान रखकर योजना का अमल में लाया जाए। कानपुर और लखनऊ के बाद उन्नाव को भी हाउसिंग, इंडस्ट्रीयल हब बनाया जा सकता है। कानपुर से सटे उन्नाव में विकास और निवेश की बड़ी संभावना है।
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