किश्तवाड़ हिंसा को लेकर कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने बीजेपी पर करारा प्रहार किया है।
दिग्विजय सिंह ने ट्वीट कर भारतीय जनता पार्टी पर गैर भाजपा शासित राज्यों में दंगे करवाने का आरोप लगाया है।
दिग्विजय ने अपने ट्वीट में बिहार के नवादा, जम्मू और कश्मीर के किश्तवाड़ और रजस्थान के टोंक में हुए दंगों का हवाला दिया है। आगे दिग्विजय ने लिखा है कि उन्होंने पहले ही भाजपा की इस मंशा की आशंका जताई थी।
दिग्विजय ने ट्वीट में कहा है कि दो महीनों में छह सांप्रदायिक दंगे बिहार में, किश्तवाड़ में, टोंक राजस्थान में। मैंने चेताया था कि भाजपा गैरभाजपाई राज्यों को निशाना बना सकती है।
मोदी की खिंचाई
कांग्रेस महासचिव ने एक अन्य ट्वीट में नरेंद्र मोदी के खाद्य सुरक्षा विधेयक पर प्रधानमंत्री को चिट्ठी भेजने पर खिंचाई की है। उन्होंने पार्टी नेताओं में आपस में भरोसा न होने और मतभेद होने की बात की ओर इशारा किया है।
उन्होंने लिखा है कि मोदी को भाजपा संसदीय दल पर यह भरोसा नहीं है कि वह खाद्य सुरक्षा बिल के उचित मुद्दों को उठाएगा। इसलिए उन्होंने सीधे प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखी है। यह सुषमा के खिलाफ अविश्वास है।
गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने खाद्य सुरक्षा विधेयक पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र भेजा है और उसमें खाद्य सुरक्षा कानून पर मुख्यमंत्रियों की एक बैठक बुलाने का प्रस्ताव किया है।
नवादा-बेतिया दंगों के पीछे भाजपा का हाथ: जदयू
जदयू ने आरोप लगाया है कि बिहार के नवादा और बेतिया में हाल के दंगों के पीछे भाजपा का हाथ है।
मीडिया से बातचीत में जदयू सासंद अली अनवर ने कहा कि नवादा और बेतिया दोनों ही भाजपा के गढ़ हैं और इन दोनों दंगों के पीछे उसी का हाथ है। भाजपा का नेचर और सिग्नेचर दोनों ही सांप्रदायिक है।
कट्टरपंथी हिंदूवादी संगठनों पर प्रतिबंध लगाने की मांग को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि यह समस्या का इलाज नहीं है, क्योंकि प्रतिबंध लगाने पर ये भूमिगत हो जाते हैं।
अनवर ने कहा कि भाजपा के साथ हमारा वैचारिक संघर्ष जारी रहेगा। करीब आठ साल तक भाजपा के साथ मिलकर जद-यू द्वारा सरकार चलाने के बारे में पूछे जाने पर अनवर ने कहा कि उनकी पार्टी ने भाजपा को काबू में रख कर राज्य में अमन चैन कायम किया था।