कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को फासिस्ट करार देते हुए, सभी राजनीतिक दलों को सेक्यूलरिज्म के मुद्दे पर एकजुट होने की अपील की है।
माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर नरेंद्र मोदी के "कांग्रेस मुक्त भारत" नारे पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने कहा है कि मोदी का नारा पूरी तरह फासीवादी है।
दिग्विजय ने कहा है, 'क्या मोदी का, और अब भाजपा का कांग्रेस मुक्त भारत का नारा फासिस्ट नहीं है। इस मुद्दे पर सभी गैर भाजपा और गैर सांप्रदायिक दलों को एकजुट होकर जवाब देना चाहिए।'
दिग्विजय ने भाजपा पर सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा के भय, भूख और भ्रष्टाचार के नारे का क्या हुआ।
दिग्विजय ने सेक्युलर पार्टियों को एक मंच पर लाने और भाजपा के नारे के खिलाफ एकजुट होने की अपील ऐसे समय कि जब ये माना जा रहा है कि 2014 लोकसभा चुनाव के बाद प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार सबसे बड़े गठबंधन दल का नेता ही होगा।
सहयोगियों की तलाश में कांग्रेस और भाजपा
लोकसभा चुनावों को देखते हुए फिलहाल दोनों बड़ी पार्टियां नई सहयोगियों की तलाश में हैं।
बीते दिनों मोदी ने हैदराबाद रैली के दौरान तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) को राजग में शामिल करने की कोशिश में एनटी रामाराव को याद करते हुए, सभी गैर कांग्रेसी पार्टियों से एक साथ आने का आह्वान किया था।
हाल ही में राजग के पूर्व सहयोगी जद(यू) ने 17 वर्ष पुराने साथी रहे भाजपा से नाता तोड़ लिया था।
कांग्रेस के प्रति बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नरम रवैये से ऐसे भी संकेत मिल रहे हैं कि उनकी पार्टी संप्रग में शामिल हो सकती है।
नीतिश कुमार के हाल ही का बयान कि "यदि यूपीए बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देगी तो हम यूपीए को समर्थन देंगे" भी इसकी पुष्टि करता है।
फिलहाल एनडीए के साथ शिवसेना और अकाली दल बने हुए हैं। वहीं आगामी लोकसभा चुनाव बीजेडी, टीडीपी, वाईएसआर कांग्रेस, जेडी(यू),तृणमूल कांग्रेस, सपा और बसपा जैसी क्षेत्रिय पार्टियों पर निर्भर होकर लड़े जाएंगे। फिलहाल बसपा और सपा यूपीए को बाहर से समर्थन दे रही है।
मोदी ने हैदराबाद में अपने भाषण के दौरान कहा था कि कांग्रेस पार्टी इस देश पर बोझ है। आज, मैं जब यहां आया तो मैं एनटीआर को याद करना चाहता हूं।
एनटीआर ने जब गैर कांग्रेसी राजनीति पर जोर दिया तो उन्होंने न सिर्फ आंध्र, बल्कि पूरे भारत की ही सेवा की. यह एनटीआर की ही कोशिशें थीं, जिसने केंद्र में गैर कांग्रेसी सरकार का रास्ता बनाया।