रेल घूस कांड में बुरी तरह से फंस चुके पवन बंसल का कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने बचाव किया था। लेकिन इस मामले में सीबीआई के लगातार शिकंजा कसने से बाद दिग्विजय सिंह की परेशानियां थोड़ी बढ़ गई हैं।
दरअसल दिग्विजय सिंह ने अपने करीबी लोगों के लिए नई दिल्ली-इंदौर एक्सप्रेस में एक स्पेशल कोच बुक कराने के लिए पवन बंसल से बात की थी और उसके बाद पिछले सप्ताह बकायदा इसका औपचारिक आवेदन भी रेल मंत्रालय को भेजा था। उस समय तक रेल घूस कांड का पर्दाफाश नहीं हुआ था।
बंसल ने कहा था कि दिग्विजय सिंह का काम नियम-कायदों के आधार पर कॉमर्शियल बेसिस पर होगा यानि पैसा लेकर ही सुविधा दी जाएगी लेकिन, घूसकांड के बाद अब रेल अधिकारियों का रवैया बदल गया है और वे अब इसमें तमाम प्रक्रियागत खामियां निकाल रहे हैं।
रेल भवन के अधिकारियों का कहना है कि दिग्विजय ने जो आवेदन दिया है, उसमें सही प्रक्रिया को नहीं अपनाया है।
घूसकांड में बंसल के फंसने के बाद रेल भवन का माहौल बहुत बदल गया है अब अधिकारी नियम-कानून को फॉलो करने पर जोर दे रहे हैं। अब, बंसल के सहयोगी मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का काम किसी भी हालत में करवाने की कोशिश में लगे हैं ताकि उनको कोई परेशानी न हो और बॉस को शर्मिंदगी भी न झेलनी पड़े।