लोकसभा चुनाव की घड़ी में अब कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने मध्य प्रदेश नियुक्ति भर्ती और पीएमटी नामांकन मामले में बड़े घोटाले का आरोप लगाते हुए सीबीआई जांच की मांग की है।
दिग्विजय सिंह ने प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह पर हमला करते हुए कहा कि उनकी पार्टी की वरिष्ठ नेता उमा भारती ने खुद इस घोटाले को चारा घोटाले से भी बड़ा बता चुकी हैं। उन्होंने कहा कि एसटीएफ की जांच पर भरोसा नहीं है।
दिग्विजय ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट को भी सवालों के कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि वह अदालत का सम्मान करते हैं।
मगर इस मामले के मास्टर माइंड और चार हजार करोड़ रुपये के मालिक सुधीर शर्मा पर आयकर विभाग ने छापा मारा और उनकी संपत्ति चार हजार करोड़ रुपये तय की है। मामले की जांच पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि इस घोटाले में शिवराज सरकार में तकनीकी मंत्री रहे लक्ष्मीकांत शर्मा और उनके ओएसडी सुधीर शर्मा के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई।
शिवराज सरकार में राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त डॉ अजय शंकर की फर्म नकली अंक सूची घोटाले की जद में आ चुकी है। आईपीएस अधिकारी आर के शिवहरे समेत कई रसूख लोग सबूतों से छेड़छाड़ कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कई छात्रों को यह तक पता नहीं था कि वे मेडिकल कालेजों में प्रवेश के लिए घूस दे रहे हैं। उन्हें गवाह बनाने के लिए जेल में डाला जा रहा है।
राज्य सरकार की एसटीएफ ने अच्छा काम कर घोटाले के कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
मगर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपने पूर्व मंत्री शर्मा और उनके ओएसडी सुधीर को गिरफ्तार नहीं करवा रहे हैं। एसटीएफ दबाव में काम नहीं कर पा रही है। इसलिए वह सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं।