यूपी लोक सेवा आयोग के कार्यवाहक अध्यक्ष और एक सदस्य की नियुक्ति भी सवालों के घेरे में आ गई है। कार्यवाहक अध्यक्ष सुनील कुमार जैन और सदस्य फरमान अली के खिलाफ याचिका दाखिल की गई है।
गोरखपुर विश्वविद्यालय के डॉ. धीरेंद्र सिंह तथा अधिवक्ता अंकित राय ने सुनील जैन और फरमान अली की नियुक्ति को चुनौती दी है। याचिका पर हाईकोर्ट में बुधवार को सुनवाई हो सकती है।
याचिका में कार्यवाहक अध्यक्ष सुनील जैन के खिलाफ दर्ज आपराधिक मुकदमों को आधार बनाया गया है। डॉ. सुनील जैन के संबंध में आरटीआई के तहत मांगी गई जानकारी के आधार पर याचिका में दावा किया गया है कि उनके विरुद्ध आगरा में हत्या के प्रयास और डकैती जैसी गंभीर धाराओं में दो मुकदमे दर्ज हैं।
वकील आलोक मिश्र के मुताबिक सुनील जैन की नियुक्ति के समय इस तथ्य की पड़ताल नहीं की गई। नियमानुसार किसी भी व्यक्ति को सदस्य नामित करते समय उसके चरित्र का सत्यापन किया जाना भी जरूरी है। डॉ. जैन ने सभी डिग्रियां द्वितीय श्रेणी में पास की हैं।
आधार लिया गया है कि पूर्व अध्यक्ष अनिल यादव के मामले में भी सरकार ने ऐसा ही किया, जिसे हाईकोर्ट ने अनुचित मानते हुए उनकी नियुक्ति रद्द कर दी थी।