दिल्ली में गैंगरेप का शिकार हुई युवती की मौत के बाद गम और गुस्सा देश में ही नहीं है, बल्कि विदेश में बसे भारतीय भी बेहद आहत हैं। उन्हें यकीन ही नहीं हो रहा है कि बहादुर बिटिया अब दुनिया छोड़ चुकी है। उसे इंसाफ दिलाने की मांग को लेकर रविवार को अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर के अलावा कई अन्य देशों में बसे भारतीयों ने प्रदर्शन किए।
कई शहरों में मोमबत्तियां जलाकर युवती को श्रद्धांजलि दी गई। युवती की मौत पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने भी शोक जताया है। उन्होंने भारत सरकार से ऐसे कदम उठाने को कहा है ताकि ऐसी घटनाएं फिर नहीं हों और दोषियों को जल्द सजा मिल सके।
अमेरिका में वाशिंगटन, न्यूयॉर्क, शिकागो समेत कई शहरों में लोग सड़कों पर उतरे। कड़ाके की ठंड में वाशिंगटन में भारतीयों ने गांधी जी की प्रतिमा के पास मोमबत्तियां जलाईं और युवती को इंसाफ दिलाने की मांग की। पंजाबी एसोसिएशन से जुड़े सतनाम सिंह चहल ने कहा कि वह भारत की सच्ची नायिका थी। वह अपने मान सम्मान के लिए अंत तक लड़ी। वह भारत के युवाओं और महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गई है। उसका बलिदान बेकार नहीं जाना चाहिए।
हमें ऐसे कदम उठाने चाहिए कि ऐसी घटना फिर नहीं हो। शिकागो की रितु शर्मा ने कहा कि गैंगरेप की घटना पर भड़के गुस्से का इस्तेमाल सही दिशा में कदम उठाने के लिए चाहिए। इंडियन अमेरिकन मुसलिम काउंसिल ने भी कहा कि दुष्कर्म से जुड़े कानून की समीक्षा के लिए गठित समिति का दायरा बढ़ाया जाना चाहिए ताकि पीड़ितों को जल्द न्याय मिल सके।
ऑस्ट्रेलिया में भारतीयों ने मेलबर्न और सिडनी समेत कई शहरों में प्रदर्शन कर युवती के गुनहगारों को कड़ी सजा देने की मांग की। मेलबर्न में भारतीय वाणिज्य दूतावास के बाहर जुटे। उन्होंने कहा कि घटना को लेकर भारत सरकार का रवैया भी निराशाजनक है।
वहीं, न्यूयॉर्क स्थित ह्यूमन राइट्स वाच ने कहा है कि दुष्कर्म पीड़िताओं के साथ भारत में सम्मानजनक बर्ताव होना चाहिए। यह सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार को कदम उठाने चाहिए।