गैंगरेप को लेकर दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित और पुलिस के आरोप प्रत्यारोपों की गृह मंत्रालय आंतरिक जांच कर रहा है। पीड़िता युवती का पहली बार बयान दर्ज करते समय आखिर क्या हुआ था, इसका पता लगाया जा रहा है।
शीला दीक्षित ने गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे को पत्र लिखकर शिकायत की थी कि पीड़िता का बयान दर्ज करने के लिए अस्पताल गई एसडीएम के साथ दिल्ली पुलिस ने बदसलूकी की थी और बयान दर्ज करते समय पुलिस ने दखलंदाजी भी की थी। वहीं दूसरी ओर पुलिस ने इन आरोपों से इनकार करते हुए पत्र लीक होने की जांच की मांग की थी।
दिल्ली पुलिस बनाम मुख्यमंत्री की जंग का यह मामला बुधवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में भी उठा। इस मामले पर वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने कहा है कि इसकी विभागीय जांच कराई जा रही है।
उन्होंने बताया कि बैठक में गृहमंत्री शिंदे ने बताया कि बयान दर्ज करते समय क्या परिस्थितियां रही, इसे लेकर विभागीय जांच करवाई जा रही है। चिदंबरम ने कहा कि पीड़िता का बयान दूसरी बार दर्ज किया गया है और यह बयान कानून के तहत किया गया है। गृहमंत्री ने कहा कि उस समय क्या हुआ, इसका जल्द पता लग जाएगा। थोड़ा इंतजार कीजिए।