दिल्ली गैंगरेप मामले में दायर चार्जशीट पर अदालत में सुनवाई शनिवार को शुरू हो गई। मजिस्ट्रेट ने सभी आरोपियों को अपने समक्ष पेश होने के लिए समन जारी किया।
सोमवार को सभी आरोपी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किए जाएंगे। तभी इन आरोपियों को चार्जशीट की एक−एक कॉपी दी जाएगी।
इसके बाद सभी आरोपियों को अपना केस लड़ने के लिए वकील करने का समय दिया जाएगा। अगर वे वकील का इंतजाम नहीं कर पाए तो कोर्ट उनको वकील देगा।
इसके बाद मजिस्ट्रेट इस केस को सेशन्स कोर्ट को सौंप देंगे। इसके बाद सेशन्स कोर्ट इस केस को फास्ट ट्रैक कोर्ट में भेजेगा। यहां केस का जिम्मा स्पेशल पब्लिक प्रोसिक्यूटर को दे दिया जाएगा।
छात्रा से हुए गैंगरेप के मामले में दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को पांच आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी। मालूम हो कि 16 दिसंबर को चलती बस में युवती के साथ गैंगरेप किया गया था। छात्रा की 29 दिसंबर को सिंगापुर के एक अस्पताल में मौत हो गई थी।
आरोप पत्र में इस मामले के आरोपी राम सिंह, उसके भाई मुकेश और साथी पवन गुप्ता, विनय शर्मा और अक्षय ठाकुर के खिलाफ भारतीय दंड संहिता के तहत हत्या, बलात्कार, हत्या का प्रयास, अपहरण, डकैती, लूट के लिए मारपीट, साक्ष्य नष्ट करने, आपराधिक साजिश रचने जैसे आरोप लगाए गए हैं।
इस मामले में छठा आरोपी नाबालिग है। उसके खिलाफ किशोर न्याय बोर्ड में मुकदमा चलेगा। दिल्ली पुलिस ने 33 पृष्ठों के इस आरोप पत्र में नाबालिग आरोपी की भूमिका का भी जिक्र किया है।