साल की शुरुआत में पाकिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज गंवाने के बाद टीम इंडिया सीरीज के अंतिम वनडे में सम्मान बचाने के लिए उतरेगी। तीन वनडे मैचों के पहले दो मैच हारने के बाद भारत को तीसरा मैच सीरीज में सम्मान बचाने के लिए खेलना होगा। भारतीय टीम इस समय लगातार हारने के कारण 'ठंडी' पड़ चुकी है। वहीं दिल्ली में इस समय जोरदार ठंड भी पड़ रही है। ऐसे में (सीरीज जीत की गर्मी) पाकिस्तानी टीम का भारतीय धुरंधर कैसे मुकाबला कर पाएंगे, देखना रोमांचक होगा।
टॉप ऑर्डर बना मुसीबत
तीसरा वनडे दिल्ली फिरोजशाह कोटला मैदान पर होगा। शीर्षक्रम बल्लेबाजी की नाकामी से टीम इंडिया को चेन्नई में पहले वनडे में छह विकेट से और कोलकाता में दूसरे वनडे में 85 रन से शिकस्त का सामना करना पड़ा था। भारतीय टीम की सबसे बड़ी कमजोरी शीर्षक्रम के बल्लेबाजों का फ्लॉप होना है। अगर टीम इंडिया को कोटला के मैदान पर सम्मान बचाना है तो उसके शीर्ष बल्लेबाजों को बड़ी पारी खेलनी होगी।
टीम इंडिया के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने भी कोलकाता में दूसरा वनडे हारने के बाद स्वीकार किया था कि शीर्षक्रम के बल्लेबाजों की नाकामी टीम को भारी पड़ रही है। गौतम गंभीर, वीरेंद्र सहवाग, विराट कोहली, युवराज सिंह और सुरेश रैना सीरीज में अब तक पूरी तरफ फ्लॉप रहे हैं।
दिल्ली के बल्लेबाजों पर रहेगा दबाव
दिल्ली में हो रहे अंतिम वनडे में तीन बल्लेबाज दिल्ली के हैं। अपने घरेलू मैदान पर गंभीर, सहवाग और कोहली से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद की जा सकती है। हालांकि इस बात की आशंका जताई जा रही है कि इस मैच से सहवाग को आराम देकर अंजिक्य रहाणे को मौका दिया जा सकता है।
पाक गेंदबाजी के सामने धोनी के अलावा सब फेल
इस सीरीज में भारतीय कप्तान धोनी को छोड़कर कोई भी बल्लेबाज अब तक पाकिस्तानी गेंदबाजों के सामने टिकने की हिम्मत नहीं जुटा पाया है। धोनी ने चेन्नई में शतक और कोलकाता में अर्द्धशतक बनाया था। लेकिन दूसरे छोर पर अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने से वह टीम को जीत की दहलीज पर नहीं पहुंचा सके।
इंग्लैंड सीरीज की तैयारी
हालांकि पाकिस्तान सीरीज में 2-0 की अजेय बढत बना चुका है। देखा जाए तो तीसरा वनडे एक औपचारिकता बनकर रह गया है। लेकिन भारत और पाकिस्तान के बीच कोई भी मैच कभी भी औपचारिक नहीं होता क्योंकि इसमें दोनों टीमों और दर्शकों की भावनाएं चरम पर होती हैं। भारत के कई बल्लेबाजों के लिए तो यह अपनी उपयोगिता साबित करने का यह आखिरी मौका है। अगर वे इस बार भी नाकाम रहे तो इसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली पांच मैचों की वनडे सीरीज से उनका पत्ता साफ हो सकता है।
इस मैच के बाद कई खिलाड़ियों पर गिर सकती है गाज
इस सीरीज के बाद कई खिलाड़ियों का पत्ता साफ हो सकता है। टीम की लगातार हार से चयनकर्ताओं पर भी लगातार फ्लॉप हो रहे खिलाड़ियों को बाहर करने के अलावा कोई चारा नहीं रह जाएगा। तीसरे ओपनर के रूप में अजिंक्या रहाणे टीम में मौजूद हैं लेकिन उन्हें उतारे जाने की संभावना कम ही दिखती है। ऐसे में भारतीय पारी की शुरूआत एक बार फिर सहवाग और गंभीर संभाल सकते हैं। कोहली के लिए भी फार्म में वापसी करने के लिए अपने घरेलू मैदान से बेहतर जगह कोई दूसरी नहीं हो सकती।