दिल्ली में बीते साल 16 दिसंबर को हुई गैंगरेप की घिनौनी वारदात के दौरान लापरवाही बरतने वाले 7 पुलिसकर्मियों पर आखिर गाज गिर ही गई।
इनके खिलाफ सरकार ने विभागीय जांच शुरू कर दी है।
यह जानकारी बृहस्पतिवार को केंद्र सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट को दी।
सरकार ने मांगा समय
मुख्य न्यायमूर्ति डी मुरुगेशन और न्यायमूर्ति जयंत नाथ की खंडपीठ के समक्ष पेश एडीशनल सॉलीसीटर जनरल राजीव मेहरा ने बताया कि गैंगरेप के सिलसिले में सात पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू हो चुकी है।
इनमें 16 दिसंबर 2012 को पीसीआर वैन पर तैनात पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। एएसजी मेहरा ने पीठ के समक्ष कहा कि इस संबंध में दिल्ली पुलिस आयुक्त को सूचना भेज दी गई है।
राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा पर विचार के लिए बनाई गई जस्टिस उषा मेहरा कमेटी की सिफारिशों पर अमल के लिए केंद्र सरकार ने कुछ समय मांगा है।
अधिकारियों को प्रशिक्षण
हाईकोर्ट ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को शपथ पत्र देकर उन पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई का ब्यौरा देने के लिए कहा था जो कि उस दिन उस इलाके में पीसीआर वैन पर तैनात थे।
दिल्ली पुलिस ने खंडपीठ के समक्ष कहा कि महिलाओं के प्रति अपराध व उनके प्रति संवदेनशील बनाने के विषय पर जवानों व अधिकारियों को प्रशिक्षण देना शुरू कर दिया है।
वर्ष 2013 का पुलिस केलेंडर पेश कर बताया कि यह प्रशिक्षण कब और कैसे दिया जाएगा।