राजपाट छोड़कर संन्यास धारण करने की कहानियां आपने अपनी दादी या नानी से जरूर सुनी होंगी। इतिहास की किताबों में भी कई ऐसे उदाहरण हैं, ये अलग बात है कि आधुनिक जीवन शैली में संन्यास की बात भी नहीं सुनाई देती।
दिल्ली के अरबपति उद्यमी भंवर लाल रघुनाथ दोषी ने संन्यास की कहानियों को तरोताजा कर दिया। 600 करोड़ के मालिक, प्लास्टिक किंग के नाम से मशहूर उद्योगपति भंवर लाल रघुनाथ दोषी ने रविवार को एक भव्य समारोह में संन्यास धारण किया। भंवर लाल दोषी जैन साधु बन गए।
जैन आचार्य श्री गुणरत्न सुरीश्वरजी महाराज के मार्गदर्शन में दोषी जैन साधु बने। दोषी सुरीश्वरजी महाराज के 108वें शिष्य बने। दो बेटों और एक बेटी के पिता दोषी की 1982 से ही साधु बनने की इच्छा थी। हालांकि वह अपने परिवार को पिछले साल ही तैयार कर पाए।