हैदराबाद में गुरुवार को हुए धमाकों में मृतकों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है, जबकि 119 घायल हैं। मरने वालों में चार छात्र भी शामिल हैं।
केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे, आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री किरण कुमार रेड्डी ने आज सुबह उन जगहों का दौरा किया, जहां कल शाम धमाके हुए थे। गृहमंत्री के साथ आंध्र प्रदेश के राज्यपाल इएसएल नरसिम्हन, राज्य के गृहमंत्री सबिता इंदिरा रेड्डी और अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।
गौरतलब है कि हैदराबाद के दिलसुखनगर में गुरुवार शाम महज 150 मीटर के दायरे में दो जोरदार धमाकों हुए थे। राज्य के डीजीपी दीनेश रेड्डी ने बताया कि पहला धमाका 7.01 मिनट पर कोणार्क थिएटर के पास आनंद टिफिन सेंटर के सामने हुआ। दूसरा धमाका कुछ मिनटों में ही महज 150 मीटर की दूरी पर वेंकटाद्री थिएटर के पास एक फुट ओवर ब्रिज पर हुआ।
बताया जा रहा है कि दोनों धमाकों में आईईडी का इस्तेमाल किया गया है, जिसे साइकिल पर बांध कर रखा गया था। फांरेसिक रिपोर्ट के मुताबिक विस्फोट के लिए अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल किया गया।
विस्फोट में इस्तेमाल सामग्री और इसके तरीके के कारण शक की सुई एक बार फिर इंडियन मुजाहिदीन की तरफ घूम गई है। हालांकि अब तक किसी संगठन ने इसकी जिम्मेदारी नहीं ली है। सरकार ने धमाकों को आतंकी हमला माना है, हालांकि उसने कहा है कि इसमें किसका हाथ है यह बात जांच के बाद ही साफ होगी।
व्यस्ततम इलाका है दिलसुख नगर
गुरुवार की शाम जिस दिलसुख नगर में दोहरे बम धमाके हुए हैं, वह पूर्वी हैदराबाद का व्यस्ततम इलाका है। यह एक एजुकेशन और कॉमर्शियल हब है। यहां कई कोचिंग संस्थान, थिएटर और दुकाने हैं। शाम के वक्त यहां बहुत ज्यादा भीड़ होती है। यहां पास में ही एक मंदिर है। गुरुवार को यहां भी बड़ी संख्या में श्रद्घालु इकट्ठा थे।
मुंबई हमलों के बाद 11वीं वारदात
हैदराबाद में कल हुए दोहरे धमाके 26/11 मुंबई हमले के बाद देश में हुई 11वीं आतंकी वारदात है। इन वारदातों में अब तक 60 से अधिक लोग मर चुके हैं। हैदराबाद में इससे पहले अगस्त, 2007 में धमाके हुए थे, जिसमें 44 लोगों की मौत हुई थी