चक्रवर्ती तूफान फैलिन भारत के पूर्वी तट से अब से कुछ ही घंटों में टकराने वाला है और ओडीशा की राजधानी भुवनेश्वर से लेकर गंजम जिले तक लोग सड़कों से नदारद हैं।
मौसम विभाग ने जो ताजा जानकारी दी है उसके मुताबिक इस तूफान के भारतीय तटों से टकराने में अब कुछ ही समय बाकी है।
मौसम विभाग के महानिदेशक एलएस राठौड़ ताजा अपडेट जारी करते हुए बताया, "छह से आठ बजे के बीच ये तूफान ओडीशा के तट पर पहुंचेगा। अभी गोपालपुर से 90 किमी दूर है। उस समय हवा की रफ्तार 210-220 किमी प्रति घंटा रहेगी।"
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मौसम विभाग का कहना है कि तूफान का सबसे ज्यादा असर छह घंटे तक रहेगा, उसके बाद उसकी तीव्रता कम होने लगेगी।
इस बीच, सुबह से ही तेज हवाओं ने पूरे इलाके को अपनी जद में ले रखा है। ओडीशा सरकार ने पहले ही से तटीय इलाकों से लाखों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने का इंतजाम कर दिया है।
ओडीशा की राजधानी से लेकर तटीय इलाकों तक सारी दुकानें और पेट्रोल पम्प बंद कर दिए गए हैं। सड़कों पर सन्नाटा पसरा है। तेज तूफानी हवा की आवाज ने एक अजीब से खौफ का माहौल बना दिया है।
मेरा सामना इन तेज हवाओं से ऊपर आसमान पर ही हो गया जब सुबह दिल्ली से भुवनेश्वर तक आने वाली उड़ान को तेज हवाओं की वजह से एयरपोर्ट पर लैंड करने में खासी दुश्वारियों का सामना करना पड़ा।
मुश्किल से उतरा विमान
विमान के पायलट ने जहाज को उतारने के लिए चार कोशिशें की तब जाकर बड़ी मुश्किल से विमान किसी तरह हवाओं की चुनौती का सामना करता हुआ उतर पाया।
इस बीच विमान में सवार लोगों का कलेजा मुंह को तब आ गया जब तेज हवाओं की वजह से विमान हिचकोले खाने लगा।
विमान के पायलट की सूझ बूझ की वजह से जैसे ही हमारा हवाई जहाज लैंड किया तो यात्रियों नें तालियाँ बजानी शुरू कर दी।
एयरपोर्ट पर उतरने के साथ ही पता चला कि इसे बंद किया जा रहा है और यहाँ से जाने वाली सभी उड़ानों को रद्द कर दिया गया है।
तस्वीरों में देखें: तबाही फैलाने आ रहा है 'फैलिन'
भुवनेश्वर से गंजम के बरहमपुर तक 200 किलोमीटर से ज्यादा के रास्ते में हवाओं ने पहले से ही तांडव मचाना शुरू कर दिया है। रास्ते में जगह-जगह पेड़ टूट कर गिरे पड़े थे।
कई जगहों पर टिन की छतें भी हवा से उड़ कर दूर गिरी हुईं नजर आईं। सडकों पर वाहन गायब होते चले गए।
लोगों में दहशत
बरहमपुर के लोगों का कहना है कि उनके मन में दहशत इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि उन्होंने वर्ष 1999 में आए तूफान की तबाही को करीब से देखा जिसमे 15 हजार से ज्यादा लोग मारे गए थे।
हालांकि इस बार सरकार ने पहले से ही अहतियाती कदम उठाए हैं और तूफान के आने से पहले ही लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का सिलसिला शुरू कर दिया है।
मैं इस वक्त बरहमपुर में हूँ और तूफान जिस वक्त ओडीशा और आंध्र प्रदेश के तट से टकराएगा, मैं यहीं रहूँगा। यहाँ से कुछ ही सिर्फ 15 किलोमीटर की दूरी पर गोपालपुर है और मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जब फैलिन टकराएगा तो गोपालपुर के तट पर समुन्द्र में तीन से चार मीटर ऊँची लहरें टकराएंगी।
आंध्र प्रदेश में स्थिति
आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम में राज्य सरकार के जनसंपर्क विभाग के प्रमुख गणपति राव ने बताया कि शनिवार दोपहर दो बजे के करीब यहां 100 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही थीं।
श्रीकाकुलम क़स्बे में लगातार हल्की बारिश हो रही है लेकिन यहां से 130 किमी उत्तर पूर्व के पांच मंडलों में भारी बारिश हो रही है।
सुरक्षाबलों ने 105 गांवों से हजारों लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया है। नेल्लूर में कलेक्ट्रेट के एक सहायक अधिकारी प्रवीन ने बताया है कि शनिवार दोपहर यहां आसमान साफ था।
यहां न बारिश हो रही थी और न ही हवा चल रही थी। मौसम बिल्कुल शांत था। नेल्लूर समुद्र से महज 80 किमी दूर है। हालांकि यहां भी सरकारी तंत्र सक्रिय है।
गुंटूर जिले के डिप्टी तहसीलदार नागेश ने बताया कि शनिवार दोपहर में वहां आसमान साफ था और बारिश नहीं हो रही थी।विजयनगरम में भी मौसम शांत है लेकिन आसमान में बादल मौजूद हैं।