मुंबई की नर्स अरुणा की जिंदगी बर्बाद करने और उसकी मौत की वजह बनने वाले गुनहगार सोहनलाल भारती (वाल्मीकि )जेल से छूटने के करीब 35 साल पहले हापुड़ जिले की धौलाना तहसील के गांव पारपा में ससुराल में आकर बस गया था। उसने गांव वालों से अब तक घटना को छिपाए रखा था। शुक्रवार को गांव में जब पत्रकारों की गाड़ियां पहुंची तो उसकी घिनौनी करतूत से पर्दा उठा। हालांकि उसका दावा है कि उसे पुलिस ने झूठा फंसाकर सजा कराई थी।
शुक्रवार रात अमर उजाला की टीम पारपा में सोहनलाल के घर पहुंची तो वहां मीडिया का जमघट लगा था, लेकिन सोहनलाल नहीं था। पता चला कि वह एनटीपीसी दादरी में सफाई कर्मचारी के रूप में काम करता है। वह वहां से नहीं लौटा है। गांववालों ने बताया कि सोहनलाल इस गांव का मूल निवासी नहीं है, बल्कि वह बुलंदशहर जिले के दादूपुर गांव का है। यहां वह अपनी ससुराल में रहता है और उसने कभी नर्स कांड के बारे में जिक्र नहीं किया।
पारपा गांव निवासी कन्हैया की बहन विमला से उसकी शादी हुई थी। विमला के बारे में बताया गया है कि वह पुणे में अपनी एक रिश्तेदारी में गई हुई है। उसके बेटे कृष्ण का कहना था कि वह तो माता-पिता के पारपा में आने पर पैदा हुआ था, इसलिए इससे पहले की किसी घटना का उसे नहीं मालूम। फिलहाल वह और उसका भाई रवींद्र सिकंदराबाद की एक फैक्ट्री में सफाई कर्मचारी के रूप में काम करते हैं।
(फोटोः इंडियन एक्सप्रेस से)