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फिर मुश्किल में नेस्ले, कोर्ट ने दिया नोटिस

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बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा मैगी पर प्रतिबंध हटाने के आदेश को चुनौती देने वाली भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने नेस्ले इंडिया और महाराष्ट्र सरकार को नोटिस जारी किया है।
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नेस्ले इंडिया की ओर से पेश वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने नोटिस को स्वीकार करते हुए कहा कि पांच जनवरी तक कंपनी अदालत में अपना जवाब दाखिल कर देगी।

इससे पहले एफएसएसएआई की ओर से पेश अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष कहा कि वह बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले पर तत्काल रोक लगाने के लिए नहीं कह रहे हैं लेकिन वह अदालत का ध्यान इस ओर दिलाना चाहते हैं कि खाद्य नियामक एफएसएसएआई को क्या परेशानियां हैं?

अदालत 13 जनवरी को हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने की गुहार पर विचार करेगी।
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नेस्ले को सैंपल देने को कहना का निर्णय गलत

अटॉर्नी जनरल ने कहा कि एफएसएसएआई को कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी कर यह पूछने का अधिकार है कि उसके उत्पाद में क्या-क्या पदार्थ का मिश्रण है।

एफएसएसएआई ने अपनी याचिका में कहा है कि 13 अगस्त को बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा दिया गया आदेश गलत है। खाद्य नियामक ने मैगी की दोबारा जांच के लिए दिए गए सैंपल पर सवाल उठाया है।

याचिका में कहा गया है कि हाईकोर्ट द्वारा निष्पक्ष अथॉरिटी के बजाए नेस्ले इंडिया (मैगी बनाने वाली कंपनी) को ही अपने नए सैंपल देने के लिए कहने का निर्णय गलत है।

मालूम हो कि हाईकोर्ट ने एफएसएसएआई और महाराष्ट्र खाद्य नियामक एफडीए द्वारा मैगी पर प्रतिबंध के निर्णय को दरकिनार कर दिया था। हालांकि बाजार में कोर्ट की इजाजत के बाद से मैगी वापस बाजार में पहुंच गयी है और दो मिनट में अपने दिवानों का पेट भर रही है।
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