महाराष्ट्र में तीन पुलिसकर्मियों ने अपनी वर्दी के रूआब में दो लड़कों को 36 घंटे हिरासत में रखकर उनकी जमकर पिटाई की। इसके बाद पुलिसवालों ने लड़कों को छोड़ने के लिए 60 हजार रुपए की रिश्वत भी मांगी।
वहीं पीड़ित लड़के के परिवारवालों ने उसके बेकसूर होने की बात कही है और पुलिसकर्मियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) में शिकायत दर्ज कराई।
परिवार वालों का आरोप है कि तीन पुलिसकर्मियों ने गैरकानूनी तरीके से घर से उनके बेटे अमितेष सिंह और उनके दोस्त अजय को गिरफ्तार कर लिया था।
पीड़ित युवक अमितेष सिंह कल्याण के कोलसेवाड़ी स्थित नाना पावसे चौक के रहने वाले हैं और वहां के मॉडल कॉलेज में बी.कॉम का छात्र है। अमित सिंह भी वहीं रहते हैं और निजी फर्म में काम करते हैं।
बिना कुछ बताए उठा ले गई पुलिस
अमितेष के मुताबिक घटना बृहस्पतिवार की है, जब दोपहर 12.30 बजे तीन पुलिस वाले अजय को गिरफ्तार करके ले जाने लगे।
उनका कहना था कि अजय चेन स्नैचिंग मामले में आरोपी है। इसी दौरान अजय के दोस्त अमितेष सिंह वहां पहुंच गए और पुलिस से अजय को ले जाने का कारण पूछने लगा।
तब पुलिसवाले बिना कोई कारण बताए अमितेष को भी अपने साथ ले गए। पुलिसवालों ने दोनों के साथ खूब मारपीट की। जब उनके घरवाले लड़कों को छुड़ाने पहुंचे तो पुलिसवालों ने 60 हजार रुपए की मांग की।
पुलिस ने घटाई रिश्वत की रकम
अमितेष के घरवालों का कहना है कि उनके बेटे ने कुछ नहीं किया है यह पुलिसवाले केवल पैसा लेना चाहते हैं। इसके विरुद्ध घरवालों ने पुलिस दुर्व्यवहार पर थाणे में एसीबी में शिकायत दर्ज कराई।
इस बीच जब आरोपी पुलिसकर्मियों को एसीबी में शिकायत की भनक पड़ी तो उन्होंने लड़कों को छोड़ दिया।
पुलिस के इस अमानवीय व्यवहार से नाराज अमितेष के घरवालों ने गृहमंत्री आरआर पाटिल को भी इस संबंध में शिकायत भेजकर आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग भी की है।
इस मामले में पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि चैन स्नैचिंग मामलों में कभी-कभी ऐसे कार्रवाई करनी पड़ती है। लड़के के परिवारवालों को गलतफहमी हुई होगी। हांलाकि पुलिस उपायुक्त ने मामले की जांच की बात कही है।