इराक जाकर कथित तौर पर आईएसआईएस में भर्ती हुए मुंबई के युवक आरिफ माजिद की मौत पर जिहादी ग्रुप की श्रद्धांजलि से माजिद परिवार तनाव में है। परिवार यह मानने को तैयार नहीं है कि उसका बेटा आतंकवादी बन गया था।
इसलिए बेटे आरिफ माजिद को श्रद्धांजलि देने वालों से अपना पल्ला झाड़ लिया है। परिवार का कहना है कि वहां क्या हो रहा है इसकी हमें कोई जानकारी नहीं है। वे किसको श्रद्धांजलि दे रहे हैं या नहीं। इससे भी हमारा कुछ लेना-देना नहीं है।
भारत में सर्वाधिक सक्रिय रहे अंसार उल तौहीद नामक अफगानी जिहादी ग्रुप ने आरिफ माजिद की दो दिन पहले इराक में मौत पर ऑनलाइन श्रद्धांजलि दी है। तीन महीने पहले कल्याण से 20 लोगों की टोली में कल्याण के आरिफ माजिद सहित चार युवक भी इराक गए थे जो फिर वापस नहीं लौटे।
माजिद के साथ इराक गए सहीम तनकी ने आरिफ के मारे जाने की खबर दी और फेसबुक पर भी पोस्ट किया। कल्याण के युवकों के आईएसआईएस में भर्ती होने की खबर के बाद महाराष्ट्र एटीएस और खुफिया एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं।
संभवत: एटीएस ने आरिफ के मौत की खबर की टेलीफोनिक वार्ता टेप की है। इसलिए एटीएस सूत्रों का भी यही माना है कि आरिफ माजिद की मौत हो चुकी है।